राज्यमंत्री और विधायक भी पहुंचे
साकेत में डकैती की जानकारी लगने पर राज्यमंत्री दिनेश खटीक व कैंट विधायक अमित अग्रवाल समेत कई भाजपा नेता वीरेंद्र पाल सिंह की कोठी पर पहुंचे। पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि पुलिस अधिकारियों से बात हो गई है। इस घटना का जल्द खुलासा होगा। सुरक्षा मद्देनजर साकेत में गश्त भी बढ़वाई जाएगी।
आजमगढ़ गया है नौकर
वीरेंद्र के बेटे माणिक ने पुलिस को बताया कि उनके यहां पिछले 45 साल से आजमगढ़ का लखई काम करता है। लखई की बेटी की शादी 26 जून को है इसलिए वह एक माह की छुट्टी गया है। क्राइम ब्रांच ने कोठी के पास रहने वाली नौकरानी सीमा के बारे में भी जानकारी ली। पुलिस इन नंबरों को सर्विलांस के जरिए यह भी चेक करेगी कि इनकी किस-किस से बातचीत हुई।
बीटीएस भी उठा रही है पुलिस
पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी ओर बीटीएस का भी सहारा ले रही है। यह भी देखा जा रहा है कि जिस समय घटना हुई तब साकेत क्षेत्र में कितने मोबाइल नंबर चल रहे थे। इनमें जो संदिग्ध प्रतीत होंगे उनकी पड़ताल होगी।
वीरेंद्र सिंह की कोठी में बदमाश लोहे के मुख्य गेट का ताला खोलकर घुसे। अंदर लकड़ी का दरवाजा खटखटाया। घंटी बजाई तोटीवी देख रहे वीरेंद्र पाल सिंह ने खिड़की से झांककर देखा। संदिग्ध लोगों को देख उन्होंने दरवाजा खोलने से मना किया तो एक बदमाशों ने दरवाजे में धक्का मारा। इससे सिटकनी टूट गई। अंदर घुसते ही बदमाशों ने वीरेंद्र को गन प्वाइंट पर लेकर कहा, अगर किसी की आवाज निकली तो गोलियों से भून देंगे।
वीरेंद्र पाल सिंह के बेटे माणिक ने बताया कि बदमाशों ने घर में वीरेंद्र पाल सिंह, उनकी पत्नी आशा और भाभी विजय लक्ष्मी को गन प्वाइंट पर लेने के बाद सबसे पहले पूरे घर को चेक किया कि घर में कोई और तो नहीं है। घर में छह कमरे हैं, लेकिन बदमाश सीधे उसी कमरे में गए जहां कैश और जेवरात थे। बाद में उन्होंने दूसरे कमरे भी चेक किए। बदमाशों ने लक्ष्मी का मोबाइल छीनकर दोनों सिम निकाल फोन वहीं फेंक दिया। वारदात को अंजाम दे बदमाश भाग गए तो परिवार बाहर आया और पड़ोसियों को इस मामले की जानकारी दी। वारदात के समय माणिक बाहर थे। वह घर लौटे तो घटना का पता चला।
युवा थे बदमाश, चेहरे पर लगा था मास्क
वीरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बदमाश 20-22 वर्ष के आसपास थे। चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था। चार बदमाश अंदर घुसे जबकि दो बाहर ही रुक गए ताकि कोठी के अंदर आने-जाने वालों को कवर कर सकें।
पूर्व डीजीपी हें माणिक के फूफा
माणिक ने बताया कि उनके फूफा रंजीव दलाल हरियाणा में डीजीपी पद से रिटायर्ड हुए है। उन्हें भी इस मामले की जानकारी दी गई है। उन्होंने भी इस मामले में अधिकारियों से वार्ता कर खुलासा कराने की बात कही है।
थाने का फोन उठा न 112 पर दर्ज हुई शिकायत
यूपी पुलिस सदैव आपकी सेवा में तत्पर, ये दावा करने वाली पुलिस की पोल रविवार को रात साकेत में ट्रेवल एजेंसी संचालक के यहां वारदात के बाद खुल गई। वारदात के बाद वीरेंद्र सिंह के बेटे माणिक ने नंबर मिलाया तो न थाने का फोन रिसीव हुआ और न ही 112 पर बात हो पाई। इसके बाद माणिक सिविल लाइंस थाने पहुंच गए। इसी के बाद पुलिस, डॉग स्क्वॉड , फोरेंसिक टीम पहुंची।