अब पुलिस आयुक्त वाराणसी मुथा अशोक जैन अपनी रिपोर्ट में डीजीपी को बताएंगे कि अनिरुद्ध को क्लीन चिट किसने और किस आधार पर दी थी। यह भी पता लगाया जा रहा कि आखिर पुराने वीडियो को अब क्यों और किस उद्देश्य से वायरल किया गया है। हालांकि, इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
यह भी पढ़ें: Meerut News Live: नवागत आईजी नचिकेता झा ने संभाली मेरठ रेंज की कमान, हटाए गए ADG रेलवे सतीश गणेश
वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अनिरुद्ध कुमार वर्ष 2021 में वाराणसी में एसीपी चेतगंज के पद पर तैनात थे। नवंबर 2021 में शहर के एक स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मुकदमा सिगरा थाने में दर्ज किया गया था। प्रकरण में दुष्कर्म के आरोपी सफाईकर्मी और स्कूल मैनेजर को गिरफ्तार किया गया था।
उस मुकदमे की जांच एसीपी अनिरुद्ध कुमार कर रहे थे। बताया जाता कि मामले को रफादफा करने का प्रयास किया गया। इसी सिलसिले में आईपीएस से वीडियो कॉल पर बातचीत का वीडियो बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया वायरल हो रहा है।
इसमें एक तरफ आईपीएस अनिरुद्ध कुमार दिख रहे हैं और दूसरी तरफ से बात करने वाले व्यक्ति की आवाज सुनाई पड़ रही है, लेकिन चेहरा नहीं दिखा है। वायरल वीडियो में पैसों के लेनदेन की बात हो रही है। यह वीडियो किसी तरह से लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया तो अनिरुद्ध कुमार का वाराणसी से तबादला कर दिया गया था। गोपनीय जांच में अनिरुद्ध कुमार को क्लीनचिट दे दी गई थी।