मेरठ के चौराहों पर लगे आईटीएमएस को गृह मंत्रालय के सर्विलांस से जोड़ने के लिए नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने कार्य योजना तैयार कर ली है। इन चौराहों पर ढाई करोड़ की लागत से 360 डिग्री पर घूमने वाले कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए शासन को बजट प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
मेरठ में सेफ सिटी योजना के तहत महानगर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़े गए शहर के चौराहों, पार्कों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर 182 पैन टिल्ट जूम कैमरे और बुलेट कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों की खरीद और पांच साल तक रखरखाव पर 2.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
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दस मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में आईटीएमएस का अवलोकन किया था। इस दौरान सीएम ने झांसी की तर्ज पर मेरठ के आईटीएमएस को गृह मंत्रालय के सर्विलांस सिस्टम से जोड़ने के निर्देश दिए थे। तब प्रशासन ने तीन दिन के भीतर काम शुरू करने की बात कही थी। तेरह दिन बीत चुके हैं, अभी तक नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस कार्ययोजना और बजट प्रस्ताव ही तैयार कर पाए हैं।
चप्पे-चप्पे पर होगी नजर
सेफ सिटी योजना के तहत नई व्यवस्था में लखनऊ में बैठे पुलिस के आला अधिकारी शहर का हाल देख सकेंगे। इन कैमरों की मदद से अपराधियों को पकड़ने में भी मदद मिलेगी। सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की अवैध वसूली और यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
मंजूरी मिले ही होगा काम
शहर में 46 पैन टिल्ट जूम और 136 बुलेट कैमरे लगाए जाएंगे। कार्य योजना और बजट प्रस्ताव कमिश्नर के आदेश पर शासन को भेजा जा चुका है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी। - अमित शर्मा, अधिशासी अभियंता नगर निगम।