प्रबंधन नियमों की अनदेखी करके कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहा है, इससे अभियंताओं में भारी आक्रोश है। जयप्रकाश ने कहा कि बिजली प्रबंधन ने प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की जीरो टोलरेंस नीति की धज्जियां उड़ाकर अरबों रुपये के घोटाले को अंजाम दिया है। सरकार इसकी सीबीआई जांच कराए तो सबकुछ साफ हो जाएगा। वीपी सिंह ने कहा कि बाकी राज्यों में जहां ईआरपी सिस्टम पर 60 से 90 करोड़ रुपये तक खर्च किया है, वहीं प्रदेश में इस सिस्टम पर 700 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
नौ हजार से ज्यादा अभियंता अब तक अवकाश के लिए प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। इस मौके पर इंजीनियर सीपी सिंह, केके तेवतिया, रोहित कुमार, आरए कुशवाहा, अरविंद बिंद, केके सारस्वत, जेके गुप्ता, एके सिंह, सकिंदर सिंह यादव, राकेश कुमार, यागेश कौशिक, सचिन कुमार, जयवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
बड़े फाल्ट नहीं होंगे ठीक, बिजली होगी प्रभावित
बिजली अभियंताओं के तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहने का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ेगा। बड़े फाल्ट ठीक नहीं होंगे तो बिजली आपूर्ति पर इसका असर पड़ना तय है। हालांकि अभियंताओं ने यूपी बोर्ड की परीक्षा के चलते आपूर्ति बहाल रहने का दावा किया है। इसके बावजूद भी आपूर्ति पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
राजस्व पर पड़ेगा असर
पीवीवीएनएल में बकाया बिल को लेकर रोजाना करीब छह हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाते हैं। इससे विभाग को राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन तीन दिन तक न तो कनेक्शन कटेंगे और न ही नए कनेक्शन आदि जारी होंगे।