मेडिकल में सरकारी पैरामेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में
- डेढ़ साल पहले भेजा गया था प्रस्ताव
- 10 कोर्सों की मिलनी थी डिग्री-डिप्लोमा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिले को एक पैरामेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद ठंडे बस्ते में चली गई है। इसमें पैरामेडिकल से सम्बंधित 10 कोर्सों की पढ़ाई होनी थी। इनमें पांच कोर्स डिग्री के और पांच डिप्लोमा के थे। इसे एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज परिसर में ही थाने के पास पड़ी खाली जमीन में बनाने का प्रस्ताव तैयार कर प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने शासन को डेढ़ साल पहले भेजा था, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है।
प्रदेश के अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के चलते उपकरण होते हुए तमाम तरह की जांच और दूसरी चिकित्सा सुविधाएं लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए पैरामेडिकल कॉलेज की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके शासन को भेजा गया था।
प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि पैरामेडिकल कॉलेज के लिए भूमि उपलब्ध है। सरकार को सिर्फ बिल्डिंग बनानी है। मंजूरी मिले तो मेरठ का यह विशेष तौर पर पैरामेडिकल के लिए पहला सरकारी कॉलेज होगा। इसके बिल्डिंग निर्माण के लिए करीब 18 करोड़ 82 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसमें 28 कमरें होंगे। 560 सीटें होंगी। कोशिश थी कि शासन से मंजूरी और बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक इस पर बात आगे नहीं बढ़ सकी है। फिलहाल कोई उम्मीद भी नहीं है।
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यह है प्रस्ताव
डिग्री कोर्स सीट
बीएमएलटी 100
बीआरआईटी 50
बी.ऑप्टोमेट्री 50
बी. स्पीच एंड हियरिंग 40
बी. साइकोथैरेपी 60
डिप्लोमा कोर्स सीट
ऑपरेशन टेक्नीशियन 100
कार्डियक टेक्नीशियन 40
डायलिसिस टेक्नीशियन 40
आईसीयू टेक्नीशियन 40
डेंटल हायजेनिस्ट 40