इनमें वेदव्यास पुरी में 17 एचआईजी और 12 व्यावसायिक प्लाट हैं। वहीं मेजर ध्यानचंद नगर विकास योजना में सात व्यावसायिक प्लॉट 23 एमआईजी प्लॉट ही हैं। गंगानगर योजना में जहां 300 के करीब प्लॉट है तो वहीं शताब्दी नगर में करीब 400 प्लॉट एचआईजी, एमआईजी और एलआईजी श्रेणी में है।
एक परिवार में औसत चार लोगों के मानक के अनुरूप करीब 6000 लोगों की घर की जरूरत पूरी होगी। इनमें ईडब्ल्यूएस प्लॉट के लिए जहां लॉटरी की जाएगी तो वही अन्य श्रेणियां के प्लॉट के लिए ई-नीलामी होगी।
विकास योजना एचआईजी एमआईजी एलआईजी
विकास योजना |
एचआईजी |
एमआईजी |
एलआईजी |
| गंगानगर |
114 |
85 |
91 |
| लोहियानगर |
03 |
10 |
64 |
| वेदव्यासपुरी |
17 |
|
|
| सैनिक विहार |
21 |
89 |
|
| श्रद्धापुरी |
06 |
04 |
17 |
| पल्लवपुरम |
14 |
28 |
|
| पांडवनगर |
05 |
11 |
|
| मेजर ध्यानचंदनगर नगर |
23 |
|
|
| शताब्दी नगर |
131 |
254 |
123 |
| कुल |
271 |
410 |
510 |
तीन योजनाओं में ईडब्ल्यूएस के लिए भी होंगे 48 प्लॉट
मेडा ने आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों के लिए ईडब्ल्यूएस (इकोनामिक् वीकर सेक्शन) के लिए भी तीन योजनाओं में 48 प्लॉट निकाले हैं। इसके तहत सैनिक विहार में 17 पांडव नगर में 21 और पल्लवपुरम में 10 प्लॉट होंगे।
सात योजनाओं में 113 व्यावसायिक प्लॉट
व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी मेडा ने सात योजनाओं में 113 प्लॉट निकाले हैं। इसके तहत गंगानगर में 30, लोहिया नगर में पांच, वेद व्यसपुरी में 12, सैनिक विहार में 43, श्रद्धापुरी में 10, मेजर ध्यानचंद नगर में सात और शताब्दी नगर में छह प्लॉट शामिल हैं।
अगले महीने होगी ई नीलामी- लॉटरी
लैंड मोनेटाइजेशन के बाद नो विकास योजनाओं में विभिन्न श्रेणियों में 1455 प्लॉट निकाले गए हैं। इनके लिए आपत्ति मांगी गई है। प्राधिकरण की वेबसाइट
https://upavp.in/en पर भी इसका ब्यौरा नक्शे के साथ अपलोड कर दिया गया है। इनका बेस प्राइस 575 करोड रुपए है, जिसे ई नीलामी व लॉटरी के जरिए बेचा जाएगा।
- अभिषेक पांडेय, उपाध्यक्ष मेडा।