महायोजना-2031 में दस वर्षों में होने वाले विकास कार्यों का खाका तैयार हो चुका है। रैपिड रेल, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, आउटर रिंग रोड, मेरठ-गढ़ हाइवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट दिखाए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण रैपिड रेल से प्रभावित होने वाले क्षेत्र हैं।
मेरठ महायोजना-2031 में दस वर्षों में होने वाले विकास कार्यों का खाका तैयार हो चुका है। लखनऊ में होने वाली बैठक का इंतजार किया जा रहा है। इस बार की महायोजना के लिए शहर के निवासियों को इंतजार है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल होने के बाद मेरठ में इस वर्ष तेजी से कार्य किया जा रहा है। रैपिड रेल, एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर आदि प्रमुख प्रोजेक्ट प्रगति पर है।
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गुरुग्राम की ऑलमांड ग्लोबल कंपनी ने महायोजना को तैयार किया है। कंपनी और एमडीए उपाध्यक्ष के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी। इसमें कुछ संशोधन किए गए हैं। इसके बाद ड्राफ्ट को फाइनल कर दिया गया है। इस बार महायोजना का क्षेत्रफल 1160 वर्ग किलोमीटर हो गया है। पहले से 600 वर्ग किलोमीटर महायोजना को बढ़ाया गया है।
महायोजना में 132 गांवों को भी जोड़ा गया है। इस मामले में भी एमडीए की तरफ से शासन को पत्र लिखकर गांवों में मानचित्र आदि प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी है। इसके अलावा ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। ड्राफ्ट पर अनुमति मिलने के बाद शहर में कई स्थानों पर प्रदर्शनी लगाई जाएंगी। जिससे आमजन भी अगले दस वर्षों का खाका देख सकेंगे।
महायोजना -2031 में ये दिखेंगे नए एलानइमेंट
रैपिड रेल, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, आउटर रिंग रोड, मेरठ-गढ़ हाइवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट दिखाए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण रैपिड रेल से प्रभावित होने वाले क्षेत्र हैं। इन्हीं क्षेत्रों के आधार पर वैल्यू कैप्चर फाइनेसिंग को लागू किया जाना है। दिसंबर-2021 तक महायोजना-2031 लागू हो जाएगी।