फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों से बेरोजगार हुए हजारों कारीगर, बयां किया दर्द, बोले- कभी नहीं देखा ऐसा वक्त

Thu, 20 Aug 2020 11:59 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • मेरठ में 30 हजार से ज्यादा आभूषण कारीगर
  • महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल से हैं अधिकांश कारीगर
  • 20 कैरेट में हाथ के बने गहने बनाने में कुशल हैं मेरठ के कारीगर
विज्ञापन
लियाकत, बप्पी सामंती और समर कोटाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोने-चांदी की कीमतों में चल रहे उतार चढ़ाव से हजारों कारीगर बेरोजगार हो गए हैं। लॉकडाउन के बाद से ही सराफा बाजार में जेवर बनाने का नया काम नहीं आ रहा है। ऐसे में आभूषण निर्माताओं के हाथों से काम छिन रहा है। उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

विज्ञापन


बाजार खुलने के बाद से ही सोने और चांदी की कीमतों में काफी तेजी आई। सोने की कीमतों ने 58 हजार तक का भाव छू लिया। वहीं चांदी भी 70 हजार तक पहुंच गई। कीमतें बढ़ने से सराफा बाजार हिल गया। अब बीते पांच दिनों से कीमतों में उतार जारी है। कीमतों की अनियमितता के चलते लोग सोने में निवेश कर रहे हैं। लेकिन गहने बनवाने पर किसी का ध्यान नहीं है। साया और त्योहार के बाद भी बाजार में गहनों के ऑर्डर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में दैनिक मजदूरी पर बाजार में काम करने वाले कारीगरों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है। 

अब फिर बढ़ेगी सोने की कीमत
सात अगस्त को सोना, चांदी अब तक के सबसे ऊंचे भाव पर था। उसके बाद से लगातार कीमतें कम हो रही हैं। बाजार विशेषज्ञ रविप्रकाश अग्रवाल के अनुसार, अब कीमतें फिर बढ़ेंगी। क्योंकि सोना, चांदी का अर्थशास्त्र है, कीमतें जिस दर से घटती हैं, बाद में उससे तेज दर से बढ़ती हैं। आगामी डेढ़ महीने में सोना साठ हजार तक जा सकता है। 
विज्ञापन


खाली बैठे हैं कारीगर, घर चलाना भी हो रहा मुश्किल
30 साल से सराफा बाजार में काम कर रहा हूं। आज तक इतनी परेशानी नहीं आई। पांच माह से काम नहीं है। घर चलाना मुश्किल हो रहा है। - लियाकत ढलाई वाले

यह भी पढ़ें: World photography day: फोटोग्राफी का बेहतरीन नमूना हैं स्मार्टफोन से ली गईं ये शानदार तस्वीरें

विज्ञापन

पहली बार देखा इतना बुरा वक्त
25 सालों से सराफा बाजार में काम करते हुए कई जिम्मेदारियां निभा लीं। कभी इतनी मंदी नहीं आई। कोरोना के बाद से बाजार में ग्राहक और काम नहीं है। - बप्पी सामंती

हमें भी मिले सरकारी सहायता
सरकार ने प्रवासी मजदूरों को काम और सहायता दी। हम सराफा कारीगर सरकार की किसी योजना में नहीं आते। जेवर कारीगरों के सामने रोजी का संकट है। हमें भी मदद मिले। - समर कोटाल

तीन दिनों में कीमतों में आया बदलाव
तिथि                सोना प्रति        चांदी 
                       दस ग्राम         प्रति किलो

 17 अगस्त         53,000          62,500
 18 अगस्त         53,600          64,000
 19 अगस्त          53,300          62,500

यह भी पढ़ें: निवेशकों और कारोबारियों का बुरा हाल, पिछले 10 सालों में सोने ने ऐसे बदली चाल, पढ़िए खास रिपोर्ट

विदेशों में माना जाता है मेरठ की कारीगरी का लोहा
मेरठ एशिया की स्वर्ण मंडी कहलाता है। मेरठ में लगभग 90 हजार कारीगर और 7500 दुकानें व कारखाने हैं। मेरठ में आभूषण बनने की कारीगरी का लोहा देश विदेश में माना जाता हैं। फिल्म इंडस्ट्रीज में भी मेरठ में बने डिजाइन इस्तेमाल होते रहे हैं, लेकिन आज मेरठ का सराफा मंदी के दौर से गुजर रहा है। नोटबंदी, अत्यधिक जीएसटी दर और 12.5 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी, 20 कैरट हॉल मार्किंग को लिस्ट से बाहर करने जैसे फैसलों ने मेरठ की कारीगरी को ग्रहण लगा दिया है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान 20 कैरट बंद होने से हुआ है। मेरठ के हस्तनिर्मित आभूषण सीधे निर्यात करने की सुविधा नहीं है। इस कारण सारा मुनाफा दिल्ली, मुंबई, गुजरात के एक्सपोर्टर ले लेते हैं। मेरठ ज्वैलरी हस्तशिल्प क्षेत्र आज अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें