मंगलवार तड़के तीन बजे फोन पर परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली। कंपनी स्वामी मंगलवार तड़के करीब पांच बजे एंबुलेंस में मृतक के शव को लेकर खरखौदा पहुंचा जहां परिजनों ने एंबुलेंस को बस स्टैंड पर ही रोक दिया और हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
कंपनी स्वामी व मृतक के परिजनों में करीब पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद मृतक के शव को वापस गाजियाबाद पोस्टमार्टम कराने के लिए ले जाया गया।
परिजनों का आरोप है कि सोमवार दोपहर तीन बजे अमित के सर में चोट लगने बताई गई, लेकिन कंपनी स्वामी ने मंगलवार सुबह तीन बजे उसकी मौत होने के बाद फोन पर परिजनों को सूचना दी थी जिसके चलते उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।