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देखिए, रेलवे से कहां हुई चूक, बेकसूरों की मौत का जिम्मेदार कौन ?

Sat, 26 Aug 2017 12:53 PM IST
डिजिटम टीम/ कपिल कुमार, मेरठ
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रेल हादसे में 23 लोगों की मौत
मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली में हुए रेल हादसे के बाद एक ही सवाल लोगों के मन में हैं कि आखिर रेलवे से इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? इतना बड़ा हादसा कि जो भी सुन रहा बस यहीं बोल रहा कि आखिर इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया। लोगों का कहना है कि रेलवे इतनी बड़ी चूक कैसे कर सकता है। वहीं जब मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने देखा कि रेलवे की इस बड़ी गलती से हादसा हुआ तो अधिकारी भी दंग रह गए। यह हादसा सिर्फ रेलवे विभाग की लापरवाही से हुआ हैं। बगैर कॉसन के ट्रेन की पटरी पर तीन दिन से काम चल रहा था। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने रेलवे अधिकारियों से की थी। लोगों का कहना है कि अगर पटरी पर कॉसन लगा होता तो यह हादसा नहीं होता। अमर उजाला ने इस लापरवाही को कई बार प्रकाशित भी किया था। हादसा होते ही स्थानीय लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
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रेल हादसा
आरोप लगाया कि लोगों की मौत का जिम्मेदार रेलवे विभाग हैं। कई दिनों से रेलवे की पटरी पर काम चल रहा था। पुलिस-प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उनका घेरा कर लिया। लोगों ने कहा कि अब अधिकारी सिर्फ मौत का तमाशा देखने आए हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद किसी रेलवे अधिकारी की आंख नहीं खुली। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। लोगों ने 12 जून और 12 अगस्त में अमर उजाला के खतौली में रेलवे ट्रैक पर लापरवाही का समाचार प्रकाशित करने की बात भी अधिकारियों से कही। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच कराकर आरोपी रेलवे के अधिकारियों पर कार्रवाई कराई जाएगी। 

क्या है कॉसन 
रेलवे के अधिकारियों ने बताया है कि पटरी पर निर्माण के दौरान कॉसन (लाल झंडी) लगा देते हैं, ताकि वहां से गुजरने वाली ट्रेन की स्पीड 20 से भी कम हो। धीमी गति में ट्रेन वहां से आसानी से निकली जाती हैं। कॉसन को देखकर ट्रेन ड्राइवर समझ जाते कि पटरी पर निर्माण चल रहा हैं। कई दिनों से रेलवे कर्मचारी पटरी पर काम कर रहे थे, लेकिन कॉसन नहीं लगा था। यही लापरवाही शनिवार को हादसा का सबक बताई जा रही हैं।
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पटरी की मरम्मत हो रही थी 

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बड़ा ट्रेन हादसा
एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि लोगों ने शिकायत की है कि पटरी की मरम्मत कराई जा रही थी, जिससे यह हादसा हुआ हैं। रेलवे के अधिकारियों पर लोगों ने लापरवाही और बगैर सिग्नल के काम कराने का आरोप लगाया हैं। इसकी जांच कराई जा रही हैं। इस हादसे का कौन जिम्मेदार हैं, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद होगा।

बता दें कि जिस जगह शनिवार को रेल हादसा हुआ, उसी जगह करीब 70 दिन पहले भी रेलवे ट्रैक क्रेक हुआ था। तिलकराम इंटर कालेज में सफाई कर्मी राधेश्याम की सजगता से उस समय बड़ा रेल हादसा टल गया था। राधेश्याम लाल कपड़ा लेकर ट्रैक पर दौड़ पड़ा था और पैसेंजर ट्रेन को रुकवाया था। इसी जगह फिर से रेल ट्रैक क्रेक हो गया और एक बड़ा रेल हादसा हो गया।

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हादसे के बाद भीड़
शनिवार को रेल हादसा तिलकराम इंटर कालेज और जगत कालोनी के पास हुआ है। हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रेन के तीन कोच पटरी से उतरकर कालेज की दीवार से टकराकर रुके। गत 10 जून की रात भी इसी स्थान पर रेलवे ट्रैक क्रेक हो गया था और रात भर ट्रेनें क्रेक ट्रैक से गुजरती रही थी। 11 जून की सुबह करीब छह बजे तिलकराम इंटर कालेज के सफाई कर्मी राधेश्याम वहां से गुजरे तो उन्होंने ट्रैक को टूटे हुए देखा। उन्होंने इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी।

इसी बीच उन्होंने मुजफ्फरनगर की ओर से एक पैसेंजर ट्रेन को आते हुए देखा, आनन फानन में वह दौड़कर तिलकराम इंटर कालेज परिसर स्थित अपने घर से एक लाल कपड़ा लेकर आए और उसे लहराते हुए ट्रेन की ओर दौड़ पड़े थे। उनको लाल कपड़ा लेकर दौड़ता देख, ट्रेन के चालक को खतरे का एहसास हुआ और उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया था।
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रेलवे की बड़ी चूक
अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और दिल्ली से भी स्पेशल टीम जांच के लिये पहुंच चुकी है। इससे पहले कानपुर में भी कुछ दिनों पहले इसी तरह बड़ा रेल हादसा हुआ था। उधर, रेलवे ट्रैक का यह टुकड़ा कटा मिला है। लाइन गायब है। इसी के चलते हादसा होना बताया जा रहा है। लगभग ढाई मीटर लाइन कटी मिली है। यह पूरा टुकड़ा कटा हुआ अलग रखा था। पास में ही अन्य औजार और हथौड़ा ‌भी मिला है।

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