बागपत जनपद के बरनावा गांव में बुधवार की रात तेज हवा से मकान की रेलिंग से उखड़ी ईंट लगने से तीन वर्षीय बच्ची घायल हो गई। लॉकडाउन के चलते रात में अस्पताल ले जाने का कोई साधन नहीं मिला। बृहस्पतिवार की सुबह का इंतजार करने तक बच्ची ने दम तोड़ दिया। हादसे से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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शामली के गंगेरू गांव निवासी अहसान अपनी ससुराल बरनावा में कई वर्षों से हाफिज अब्दुल के मकान में किराए पर परिवार सहित रह रहा है। वह राजमिस्त्री है। बुधवार की रात अहसान और उसकी पत्नी तबस्सुम मकान के आंगन में बने छप्पर के नीचे बच्चों संग सोए थे। इसी दौरान पास के मकान के ऊपरी हिस्से में बनी रेलिंग कीं ईंटें तेज हवा से उखड़कर छप्पर में सो रहे अहसान के बच्चों के ऊपर जा गिरी। इसमें उसकी तीन वर्षीय पुत्री अफसा व पुत्र दानिश घायल हो गए। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। चीख पुकार सुनकर पड़ोस के लोग एकत्र हो गए। आंधी तूफान शांत होने पर दोनों घायल बच्चों को परिजन स्थानीय चिकित्सक के यहां ले गए। जहां चिकित्सक ने अफसा की हालत गंभीर देखते हुए मेरठ या बड़ौत ले जाने को कहा। लॉकडाउन होने के कारण कोई साधन नहीं मिला। बृहस्पतिवार की सुबह होने तक बालिका ने दम तोड़ दिया। पीड़ित परिवार मृतक बालिका का अंतिम संस्कार करने गंगेरू चला गया।
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