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विकास को रफ्तार: उत्तर प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण अगले माह से, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Wed, 17 Jan 2024 01:34 PM IST
कपिल kapil संकल्प रघुवंशी, अमर उजाला, मेरठ

सार

Meerut News : मेरठ में विकास को रफ्तार दी जा रही है। वहीं, प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए जमीन खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। मेडा ने शासन को भी रिपोर्ट भेज दी है।
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टाउनशिप की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एक लाख 85 हजार लोगों को आशियाना उपलब्ध कराने की दिशा में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने अपने कदम बढ़ा दिए हैं। मेडा ने अपनी नई प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए जमीन खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए चार गांवों की जमीन चिह्नित कर ली गई है। जमीन अधिग्रहण के लिए खर्च होने वाली राशि का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर फरवरी से जमीन खरीद शुरू होगी।

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छज्जूपुर, इकला, कायस्थ गांवड़ी व मोहिउद्दीनपुर के चार गांव की 294.6813 हेक्टेयर भूमि में नई इंटीग्रेटेड टाउनशिप का निर्माण होना है। पहले फेज में छज्जूपुर में 30.09 हेक्टेयर और मोहिउद्दीनपुर में 111.79 हेक्टेयर जमीन लेने का काम होगा। दोनों गांव की कुल 141 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण पर 1007.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके दायरे में 750 किसानों की जमीन आएगी।

मेडा अफसरों का कहना है कि योजना के लिए चयनित चारों गांव की भूमि नगर की सीमा से बाहर है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार, नगर की सीमा के अंतर्गत अकृषक भूमि के लिए सर्किल दरों का दो गुना और नगर सीमा के बाहर अकृषक भूमि के लिए सर्किल दर का चार गुना देय है। ऐसे में प्राधिकरण किसानों से सहमति के आधार पर भूमि खरीद करेगा।

मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि अधिग्रहण में प्रकाशन के दिनांक से अवार्ड घोषित होने तक की अवधि का 12 फीसदी ब्याज की धनराशि जमा करनी पड़ेगी और 10 प्रतिशत अर्जन व्यय प्राधिकरण को देना होगा। आपसी सहमति से भूमि क्रय करने पर सात प्रतिशत स्टाम्प व एक प्रतिशत निबंधन शुल्क ही देना होगा। ऐसे में आपसी सहमति से ही जमीन ली जाएगी। जमीन लेने की प्रक्रिया फरवरी से शुरू करने की तैयारी है।

किसान कर रहे विकसित प्लॉट लेने की मांग
मेडा अफसरों का कहना है कि किसानों से कई दौर में वार्ता हो चुकी है। मेडा आपसी सहमति से जमीन लेने के लिए शिविर भी लगा चुका है। किसान उत्ससाहित हैं और जमीन देने को तैयार हैं। हालांकि कुछ किसान चार गुना मुआवजे की मांग भी कर रहे हैं, जबकि कुछ परियोजना में विकसित भूखंड भी चाहते हैं। ऐसे में आपसी समन्वय स्थापित कर इंटीग्रेटेड टाउनशिप को गति दी जाएगी।

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ये है स्थिति
गांव का नाम    भूमि (हेक्टेयर में)         सर्किल रेट            प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट         चार गुना प्रति वर्ग मीटर सर्किल दर          
 
छज्जूपुर            30.0940                28000000                     2800                                         11200
इकला              21.9760                28000000                     2800                                         11200
कायस्थ गांवड़ी 130.8143               35000000                      3500                                         14000
मोहिउद्दीनपुर 111.7970                 52000000                      5200                                          20800
कुल भूमि 294.6813
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परतापुर-मोहिउद्दीनपुर के बीच 142 हेक्टेयर में प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए शासन 503 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुका है। 200 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। न्यू टाउनशिप में रिहाइश के साथ-साथ व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षिक गतिविधियां भी होंगी। ऐसे में यहां एक लाख 85 हजार लोग रह सकेंगे और ढाई लाख लोग काम भी करेंगे। - विजय कुमार सिंह, नगर नियोजक, मेडा

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