सिर पर मुस्लिम टोपी और कंधे पर कांवड़ लिए बाबू खान को देखकर लोगों को हैरानी हुई और उनके मन में सवाल भी उठे। लेकिन शिव की भक्ति में लीन बाबू खान ने कुछ लोगों से बात करते हुए बताया कि उनकी कांवड़ लाने में आस्था है और कई सालों से कावड़ ला रहा है। वहीं सोमवार को दाहा गांव में शिव शक्ति कांवड़ भंडारा पर पहुंचे बाबू खान का क्षेत्र वासियों ने फूल मालाओं से स्वागत किया।
बागपत के रंछाड़ निवासी बाबू खान ने बताया कि हरिद्वार से भगवान श्रीगणेश के नाम से कांवड़ लेकर आया है। कांवड़ को लेकर पहले पुरा महादेव मंदिर में जाएगा। जल चढ़ाने के बाद अपने गांव के मंदिर में जल चढ़ाएगा। वह अपने धर्म को मानता है, समय पर नमाज पढ़ता है और हिंदू धर्म को भी मानता है।
बाबू सबसे पहली कांवड़ 2018 में भोले के नाम परलेकर आया था। दूसरी कांवड़ पार्वती के नाम पर और अब तीसरी कांवड़ है, जो श्रीगणेश के नाम पर लेकर आया है। हरिद्वार से तीसरी बार कांवड़ लेकर रंछाड़ के बाबू खान ने पुरा महादेव जाकर जलाभिषेक किया। इसके बाद गांव में आकर होलीवाला शिव मंदिर, भूमिया मंदिर सहित तीन शिवालयों में जाकर जलाभिषेक किया।