मेरठ में मंगलवार को शिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जलाभिषेक किया। बाबा औघड़नाथ मंदिर में 48 घंटे निर्बाध जलाभिषेक हुआ। पुरा महादेव में 20 लाख से ज्यादा शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। भीड़ के कारण बन रही उमस व धूप में ज्यादा देर खड़े रहने से 900 कांवड़िये बीमार हुए व 55 कांवड़िये बेहोश हो गए।
पश्चिमी यूपी में 13 दिनों तक चली कांवड़ यात्रा के दौरान कुल तीन करोड़ 80 लाख 70 हजार कांवड़ियों ने हरिद्वार से गंगाजल उठाया। वहीं मंगलवार को कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन मेरठ में औघड़नाथ मंदिर पर ढाई लाख श्रद्धालुओं ने 48 घंटे तक निर्बाध जलाभिषेक किया तो बागपत के पुरा महादेव मंदिर में 20 लाख श्रद्धालुओं ने शिव का जलाभिषेक किया।
3 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व था। 14 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हुई। बड़ी संख्या में कांवड़िए 13 जुलाई की पूर्व संध्या पर हरिद्वार पहुंचने शुरू हो गए थे। शासन-प्रशासन ने करीब चार करोड़ कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की उम्मीद जताई थी। इसी हिसाब से सुविधाएं जुटाई गईं थीं। हाईवे से लेकर शहर में यातायात प्लान लागू किया गया था।
कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन हरिद्वार से 30 लाख शिवभक्त हुए रवाना
गुरु पूर्णिमा के एक दिन बाद शुरू हुई श्रावण मास की कांवड़ यात्रा मंगलवार को शिवरात्रि को जलाभिषेक के साथ संपन्न हो गई। हरिद्वार में मंगलवार को भी 30 लाख शिव भक्तों ने गंगाजल उठाया और अपने प्रदेशों के लिए रवाना हुए। यात्रा के अंतिम दिन डीएम हरिद्वार विनय शंकर पांडेय और एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न होने पर ड्यूटी करने वाले अधिकारियों और कर्मियों को शाबाशी दी।
बाबा औघड़नाथ मंदिर में जलाभिषेक करते शिवभक्त
- फोटो : अमर उजाला
बाबा औघड़नाथ मंदिर में 48 घंटे निर्बाध जलाभिषेक
मेरठ में शिवरात्रि पर शिवालयों में मंगलवार सुबह से शाम तक जलाभिषेक किया गया। हर हर बम बम के जयकारों के साथ मंदिरों में श्रद्धालुओं के जलाभिषेक का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था, जबकि कांवड़ियों ने शाम को शुभ मुहूर्त में भोले शंकर पर जल चढ़ाया। कई मंदिरों में भोले बाबा का पंचामृत से अभिषेक किया गया।
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बाबा औघड़नाथ मंदिर में उमड़े श्रद्धालुओं
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के बाबा औघड़नाथ मंदिर में 48 घंटे निर्बाध जलाभिषेक हुआ। कांवड़ियों ने त्रयोदशी का जल बाबा औघड़नाथ मंदिर और चतुर्दशी का जल अपने-अपने मोहल्लों और कॉलोनियों के शिवालयों में चढ़ाया। अनुमानित 2.5 लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया है।
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बाबा औघड़नाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
औघड़नाथ मंदिर में कांवड़ियों ने मंगलवार शाम 6:30 बजे चतुर्दशी का जल चढ़ाया। मंदिर में सोमवार रात्रि 3:00 बजे से ही भक्तों की कतार लग गई थी। सुबह 5:00 बजे मुख्य आरती के उपरांत शिवरात्रि का जलाभिषेक शुरू हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दंडवत कांवड़ लेकर भी पहुंचे। सुरक्षा के लिए मंदिर के बाहर पुलिस, आरएएफ और कमांडो तैनात रहे।
पुरा महादेव में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पुरा महादेव में 20 लाख श्रद्धालुओं ने चढ़ाया जल
बागपत के पुरा स्थित परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए चार किमी लंबी लाइन लग गई। यहां 20 लाख से अधिक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। डीएम राजकमल यादव ने बताया कि मंगलवार दोपहर तक 12 लाख से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे। रात तक यह आंकड़ा 20 लाख पार कर गया। मंदिर पर शाम 6:48 बजे झंडारोहण के बाद कांवड़ियों ने चतुर्दशी पर जलाभिषेक शुरू कर दिया था।
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पुरा महादेव में कांवड़ियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पुरा महादेव मंदिर पर सोमवार दोपहर बाद भीड़ कुछ कम हुई थी लेकिन रात को कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती गई। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि जिस तरह कांवड़िए पहुंचे, उसे देखते हुए संभावना थी कि आज भी जलाभिषेक जारी रहेगा, हालांकि आज कुछ ही कांवड़िए जलाभिषेक करने पहुंचे। यहां सोमवार को शुरू हुआ श्रावणी मेला कल यानी गुरुवार को समाप्त हो जाएगा।
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बेहाश हुए कांवड़ियों का उपचार
- फोटो : अमर उजाला
गर्मी में 900 कांवड़िये बीमार, 55 हुए बेहोश
बागपत में पुरा महादेव मंदिर पर गर्मी के कारण 900 से ज्यादा कांवड़िए बीमार हो गए तो 55 बेहोश होकर गिर गए। लाइन लंबी होने के कारण कई घंटों तक कांवड़ियों को धूप में खड़ा रहना पड़ा, जिस कारण उनकी हालत बिगड़ गई। हालांकि कांवड़ियों को तुरंत पीएचसी में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उन सभी ने जलाभिषेक किया।
पुरा महादेव मंदिर पर सोमवार देर रात से काफी लंबी लाइन लगी थी। जिसमें कांवड़ियों व श्रद्धालुओं का पूरी रात इंतजार करने के बाद सुबह जलाभिषेक का नंबर आया। मंगलवार सुबह को लाइन में लगने वालों के लिए परेशानी बढ़ती चली गई।
भीड़ के कारण बन रही उमस व धूप में पांच घंटे से ज्यादा खड़े रहने में उनका पसीना निकल गया। इस कारण वहां 55 कांवड़िए बेहोश हो गए और उनको मंदिर के सामने पीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां उनका उपचार किया और अधिकतर को ग्लूकोज चढ़ाया गया। डॉ. आमिर ने बताया कि पीएचसी में मंगलवार शाम तक बीमार हुए 900 कांवड़िए पहुंचे, जिनका उपचार किया गया।