भगवान आशुतोष के जलाभिषेक के लिए आखिरी दिन कांवड़ियों ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर दौड़ लगाई। सड़कों पर डाक कांवड़ दौड़ी, दिनभर कांवड़ियों की भागमभाग रही। अधिकारियों ने मार्गों का निरीक्षण किया। डाक कांवड़िए दिल्ली-देहरादून हाईवे, पानीपत-खटीमा हाईवे और मुजफ्फरनगर से बड़ौत जाने वाले मार्ग पर खूब दौड़े। रुड़की रोड पर सोमवार देर रात तक डाक कांवड़ियों ने दौड़ लगाई। सोमवार को भी जहां भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया गया। वहीं मंगलवार को भी शिव के जलाभिषेक का सिलसिला अनवरत जारी है।
डाक कांवड़िए अपने-अपने क्षेत्र के शिवालयों की ओर से आगे बढ़ रहे हैं। काफी संख्या में डाक कांवड़ बागपत के पुरा महादेव मंदिर के लिए बुढ़ाना मोड़ से होते हुए शाहपुर-बड़ौत मार्ग से होकर गुजरी। कांवड़ शिविर संचालकों का कहना है कि पहले के वर्षों के मुकाबले इस बार डाक कांवड़ लाने वाले कांवड़ियों की संख्या काफी ज्यादा है। कांवड़ यात्रा के आखिरी दिन अधिकतर कांवड़िए अपने क्षेत्र के शिवालयों और शिविरों में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। जहां शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा में जुटे हैं।