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कोरोना का प्रभाव: इस बार स्थगित हो सकती है कांवड़ यात्रा, पढ़िए क्या बोले अधिकारी

Sat, 20 Jun 2020 11:26 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • अफसरों का दावा, समितियों ने यात्रा स्थगित करने के लिए किया अनुरोध
  • मेरठ पुलिस प्रशासन ने सरकार और उत्तराखंड प्रशासन को भेजी रिपोर्ट
  • कांवड़ यात्रा में बचा 15 दिन का समय, अंतिम निर्णय का इंतजार
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कांवड़ यात्रा 2019 फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना महामारी के चलते इस बार कांवड़ यात्रा स्थगित हो सकती है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि मेरठ की कांवड़ समितियों ने यात्रा नहीं निकाले जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में आला अधिकारियों को पत्र लिखा है।

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मेरठ पुलिस प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट सरकार और उत्तराखंड प्रशासन को भेजी है। वहीं उत्तराखंड प्रशासन यात्रा के फैसले पर आज यानी शनिवार को अंतिम निर्णय ले सकता है। आशंका जताई जा रही है कि यात्रा के दौरान कोरोना तेजी से फैल सकता है। कांवड़ समितियों के पदाधिकारी हरिद्वार से कांवड़ नहीं लाने को लेकर गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं जिम्मेदार लोग व धर्मगुरुओं ने भी पुलिस प्रशासन से यात्रा पर रोक लगाए जाने की अपील की है। 

पुलिस का मानना है कि उत्तराखंड प्रशासन आज यानी शनिवार को अंतिम फैसला लेगा। हरिद्वार से कांवड़ लाने के लिए यूपी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों से लोग जाते हैं। इसको देखते हुए सभी राज्यों से उत्तराखंड प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है। इसी के आधार पर फैसला होगा। वहीं यात्रा को लेकर उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल के अधिकारियों की डेढ़ माह पहले होने वाली बैठक अभी तक नहीं हुई है। 
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कांवड़ यात्रा में बचा 15 दिन का समय
इस बार कांवड़ यात्रा पांच जुलाई से शुरू होनी है। 17 जुलाई को शिवरात्रि पर यह समाप्त होगी। यात्रा में हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी, गंगोत्री और गोमुख से कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य को जाते हैं। इसमें उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा के भक्त रहते हैं। यात्रा से पश्चिमी यूपी के जिलों में सबसे ज्यादा आवागमन प्रभावित होता है। 10 दिन पहले दिल्ली से हरिद्वार तक हाईवे वनवे कर दिया जाता है।

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महंत और पुजारियों ने किया अनुरोध
बाबा औघड़नाथ काली पल्टन मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित श्रीधर त्रिपाठी, विल्वेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित हरीश चंद्र जोशी, सिद्धपीठ संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत महेंद्र दास महाराज और छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश गोयल ने डीएम को पत्र भेजा। सभी ने डीएम अनिल ढींगरा से यात्रा को स्थगित किए जाने का अनुरोध किया।

धारा 144 भी लगी है
कोरोना को लेकर प्रशासन ने जिले में धारा 144 लगाई है। ऐसे में बिना अनुमति के किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। कांवड़ यात्रा को लेकर हर जिले की पुलिस व प्रशासन ने लोगों के आवागमन को लेकर प्लान तैयार कर लिया है। 

कोविड -19 के चलते समितियों ने यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया है। यात्रा पर शासन के जो भी निर्देश होंगे, उनका पालन कराया जाएगा। - राजीव सभरवाल, एडीजी, मेरठ जोन

कोरोना को देखते हुए इस बार यात्रा नहीं होगी। मेरठ की समितियों ने इसकी पहल की है। समितियों की अपील शासन को भेज दी है। उत्तराखंड प्रशासन भी जल्द इस पर फैसला लेगा। - प्रवीण कुमार, आईजी, मेरठ रेंज

कोरोना काल में कांवड़ यात्रा की व्यवस्था आसान नहीं है। इस संबंध में अधिकारियों और शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। - अनिल ढींगरा, डीएम

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