फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेब्रा कॉसिंग, कैमरे और ट्रैफिक लाइटों की कैद में होंगे शहर के नौ चौराहे

विज्ञापन
विज्ञापन
चौराहों पर नियम तोड़े तो झट से कटेगा चालान
विज्ञापन

मेरठ। शहर के प्रमुख चौराहे शीघ्र ही जेबरा क्रॉसिंग के साथ ही कैमरों और स्ट्रीट लाइटों से कवर होंगे। इन चौराहों पर गुजरने वाले लोग यदि नियम तोड़ेंगे तो झट से उनका चालान हो जाएगा। सभी चौराहों को इंटीग्रटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। प्रत्येक चौराहे पर कम से कम सात कैमरे होंगे। नगर निगम में स्थापित कंट्रोल रूम में बैठकर चौराहों के पास की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। इंजीनियरों की टीमें फिलहाल चौराहों का सत्यापन कर रही हैं। नए प्रावधानों के मुताबिक अगर जेबरा क्रॉसिंग पर वाहन चढ़ाया गया तो कम से कम 100 रुपये जुर्माना लगेगा। अगर आप खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाते हुए कैमरे में कैद हुए तो इससे भी भारी जुर्माना झेलना पड़ सकता है।
--
चौराहों से जुड़े मार्गों पर भी रहेगी नजर
- चौराहों को जोड़ने वाले सभी मार्गों से आने वाले वाहन कैमरे की नजर में होंगे। वाहन चालक, सवार और चौराहों से गुजरने वाले अन्य व्यक्ति की गतिविधि कैमरे में कैद होगी। सफेद व काले रंग की पट्टी या इलेक्ट्रॉनिक्स वाली जेबरा क्रॉसिंग हो सकती है। ट्रैफिक लाइटों के खंभों पर साउंड सिस्टम लगेंगे। इनका प्रयोग आपातकाल में सूचना प्रसारित करने के लिए किया जाएगा। चौराहों से गुजरने वाले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना सार्वजनिक करने के लिए भी इसका इस्तेमाल होगा। इसके अलावा चौराहों पर वाई-फाई सिस्टम भी लगेंगे। इंटरनेट के माध्यम से चौराहों की वीडियोग्राफी और अन्य सूचनाएं कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी।
विज्ञापन

--
जांच के नाम पर पुलिस नहीं करेगी परेशान
- इस तैयारी के बाद काफी हद तक यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। चौराहों पर जांच के नाम पर पुलिस भी अनावश्यक रूप से परेशान नहीं कर पाएगी क्योंकि सब कैमरे की निगरानी में रहेगा।
विज्ञापन

--
चौराहों के सत्यापन का काम लगभग पूरा होने वाला है। सबसे पहले जेबरा क्रॉसिंग और इसके बाद होने वाले कार्यों का भी निर्धारण कर दिया गया है। कंट्रोल रूम पर भी काम शुरू हो गया है। -अमित शर्मा, अधिशासी अभियंता, नगर निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें