उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों से 24 जून तक नैक मूल्यांकन का अपडेट मांगा है। इसमें सीसीएसयू के कॉलेजों की संख्या सिर्फ 28 रह गई है। 24 जून तक जिन कॉलेेेजों में नैक हुए पांच साल पूरे हो चुके हैं, उनका नाम सूची से बाहर कर दिया गया है। ऐसे में एक हजार से ज्यादा कॉलेज वाले सीसीएसयू में अब तीन फीसदी कॉलेज ही नैक ग्रेड के बचे हैं।
यूजीसी ने 2022 तक देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को राष्ट्रीय मूल्यांकन व प्रत्यायन परिषद (नैक) ने मूल्यांकन कराना अनिवार्य किया है। बीते दिनों हुए वेबिनार में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग को आईना दिखा चुकी हैं।
उन्होंने कहा था कि क्वालिटी एजुकेशन से पहले अपने कॉलेजों-विवि की क्वालिटी चेक कराएं। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने 24 जून 2020 तक की अपडेट लिस्ट हर विवि से मांगी। सीसीएसयू द्वारा भेजे गए अपडेट में अब नैक मूल्यांकित राजकीय कॉलेजों की संख्या सिर्फ चार है। वहीं एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की संख्या 12-12 बची है।
अपडेट लिस्ट में छह कॉलेज ए ग्रेड
आईक्यूएसी (इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल) ने जो अपडेट लिस्ट भेजी है उसमें इन 28 कॉलेजों में से छह ए ग्रेड हैं। इनमें तीन एडेड और तीन सेल्फ फाइनेंस हैं। एडेड में मेरठ के आरजी और इस्माईल कॉलेज ए ग्रेड में हैं।
इसके अलावा मुजफ्फरनगनर का डीएवी कॉलेज ए ग्रेड है। सेल्फ फाइनेंस में मुजफ्फरनगर का श्रीराम कॉलेज, गाजियाबाद के आईटीएस मोहननगर और इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज लालकुंआ भी ए ग्रेड में हैं।