दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के दूसरे चरण के लिए एनसीआरटीसी ने तैयारी शुरू कर दी है। सब कुछ ठीक रहा तो अगले सप्ताह से दुहाई से शताब्दीनगर के बीच बेरिकेडिंग शुरू हो जाएगी। 32 किमी के इस चरण में पिलर बनाने का कार्य किया जाएगा। ये पूरा चरण एलिवेटिड है।
वर्ष-2023 में शताब्दीनगर तक रैपिड रेल चलाने का दावा एनसीआरटीसी कर चुका है। इसके मद्देनजर एल एंड टी को सिविल वर्क का जिम्मा दिया है। पिलर बनाने से पहले डिवाइडर के बीच से तीन मीटर तक बेरिकेडिंग की जाएगी। जिससे यातायात व्यवस्था में कोई दिक्कत न आए। इससे पहले दुहाई से मेरठ मोड़ तक कार्य तेज गति से चल रहा है।
पिलर बनाने से पहले पाइल लोड टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, शताब्दीनगर में कॉस्टिंग यार्ड बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। वहीं, हाल ही में एनसीआरटीसी ने इस चरण में कार्य शुरू करने से पहले टेलीकॉम लाइनों को शिफ्ट कराने का टेंडर निकाला है।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुधीर शर्मा का कहना है कि अगले सप्ताह से कार्य शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। पहले पाइल लोड टेस्ट होगा। इसके लिए बेरिकैडिंग की जाएगी। जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू रह सके।
अब यातायात होगा स्लो
इस चरण में कार्य शुरू होने के बाद यातायात स्लो हो जाएगा। ऐसा दोनों तरफ से सड़क की चौड़ाई कम होने की वजह से होगा। इससे पीक सीजन में जाम लगने की आशंका बढ़ेगी।
इस चरण में ये स्टेशन
दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ, मेरठ साउथ, रिठानी (मेट्रो स्टेशन), परतापुर (मेट्रो स्टेशन), शताब्दीनगर हैं।