मेरे वकील ने लिखा एएसपी का नाम : इमरान
इमरान का कहना है कि मेरा ट्रक चार फरवरी को चोरी हुआ था। इंस्पेक्टर बिजेंद्र ने मुझे दो दिन थाने की हवालात में बंद करके बहुत पीटा और मुझसे जबरन बुलवाया कि ट्रक चोरी का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है। उसने वीडियो भी बनाई।
पुलिस अधिकारियों को दो सितंबर को मैंने ही चिट्ठी भेजी। एएसपी हापुड़ का नाम मेरे वकील ने लिख दिया। मैं अनपढ़ हूं, मुझे नहीं पता चला कि एएसपी का नाम कैसे लिखा है। रिश्वत लेने और शपथ पत्र की बात इंस्पेक्टर बिजेंद्र के बारे में लिखने को कहा था।
कोर्ट में वकार के बयान
इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराने वाले वकार के मंगलवार को कोर्ट में 164 के बयान दर्ज हो गए। वकार ने मुकदमे का समर्थन करते हुए बयान दिया है। उसने कहा कि इंस्पेक्टर सदर ने उसको पीटा, अवैध तरीके से हिरासत में रखा और रिश्वत ली है।
मुझ पर लगाए आरोप निराधार हैं। इमरान या उसके रिश्तेेदार से मेरा कोई भी लेनादेना नहीं है। मैं इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा को भी नहीं जानता। यह चिट्ठी किसने ओर किस उद्देश्य से भेजी है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इमरान से पूछताछ होगी और उसके बयान भी दर्ज होंगे। उच्च अधिकारी मामले की जांच कराएं। - सर्वेश कुमार मिश्रा, एएसपी हापुड़