एक तरफ सोने चांदी के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं तो वहीं रोजमर्रा की वस्तुओ पर भी महंगाई की मार है। सब्जियों से लेकर दाल, दूध आदि की कीमतों में भी इजाफा हा रहा है। ऐसे में महिलाओं को घर चलाना भारी पड़ रहा है।
सब्जियों के आसमान छूते दामों के बाद दालों पर महंगाई रुकने का नाम नहीं ले रही है। अरहर समेत कई दालों की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। एक माह में अरहर व राजमा के दाम में 20 से 25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। चना भी नखरे दिखाने लगा है।
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पिछले चार महीने टमाटर और अन्य सब्जियों की महंगाई से रसोई प्रभावित रही। सब्जियों पर महंगाई से राहत मिली तो दालों ने रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। एक माह से दालों के दामों के भाव में उछाल है। जिसके कारण मध्यमवर्गीय परिवारों में अब सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही दाल बनाई जा रही है।
दाल पहले कीमत वर्तमान कीमत
दाल अरहर 120- 140 140-165
दाल उड़द 110- 125 125- 135
राजमा 140 160
चना दाल 70 80
बेसन 75 85
जीरा 750 700 (नोट : फुटकर में दालों के रेट शहर दाल मंडी से लिए गए हैं और रुपये प्रति किलो में हैं)
महंगाई के दौर में घर चलना भारी पड़ रहा है। दो महीने पहले महंगाई के कारण रसोई से टमाटर गायब रहे और अब दालों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। - सुमन, मलियाना
जैसे तैसे लोग परिवार के खर्च का बजट बनाते हैं। दालों पर तो कभी मसाले पर महंगाई से मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई का बजट प्रभावित हो जाता है। - सीमा, माधवपुरम
महंगाई कम करने के लिए सरकार को कोई कदम उठाना चाहिए। कई बार जब खाने की चीजों के दाम कम हो जाते हैं तो व्यापारी कम नहीं करते। - रेखा, माछरा