हालांकि बापू की प्रतिमा की आलोचना और मामले को तूल पकड़ता देख नगर निगम बैकफुट पर आ गया और अपर नगर आयुक्त ने प्रतिमा हटाने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने कहा जो हमारे पास स्क्रैप का कैसे कलात्मक रूप से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं इस उद्देश्य से शहर में ऐसी कलाकृतियां बनाई गई हैं।
महात्मा गांधी की स्टेच्यू को भी गांधी जयंती के उपलक्ष्य में तैयार कर सेल्फी प्वाइंट बनाया गया। गांधी जी स्वयं स्वच्छता के प्रतीक हैं। प्रतिमा को लेकर लोगों का फीडबैक मांगा गया था। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। फिलहाल इसको अभी हटवाकर और बेहतर बनवाकर किसी अन्य जगह पर स्थापित किया जाएगा। वहीं दोपहर बाद नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंची और प्रतिमा को हटवाया दिया गया। टीम प्रतिमा को ट्रैक्टर ट्रॉली में लेकर चली गई।
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बता दें कि मेरठ का 'कबाड़ से जुगाड़' अभियान राष्ट्रीय फलक तक चमक चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात के 93वें संस्करण में योगी सरकार के इस प्रयास की काफी सराहना की थी।
मेरठ नगर निगम ने कुछ ही समय पहले सर्किट हाउस चौराहे पर टायर और अन्य बेकार वस्तुओं से चौराहे का सौंदर्यकरण किया है। इसके अलावा गांधी आश्रम चौराहे पर कबाड़ से चौराहे को सुंदर आकार दिया है। इन चित्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में दिखाते हुए अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इससे पहले भी 'मन की बात' में अलग-अलग विषयों पर मेरठ का नाम चमकता रहा है। इस क्रांतिकारी शहर ने खेल, शिक्षा, उद्योग, किसान आदि क्षेत्रों में भी अपना नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। अब कबाड़ से जुगाड़ कर महात्मा गांधी की मूर्ति बनाकर नगर निगम का प्रयास सुर्खियां बटोरने का था लेकिन उल्टा नगर निगम की किरकिरी हो गई।