सौंदत में टीम ने की तीन करोड़ के विकास कार्यों की जांच
परीक्षितगढ़। पिछले पांच वर्ष के दौरान गांव सौंदत में हुए करीब तीन करोड़ रुपये के विकास कार्यों की जांच के लिए सोमवार को जिला कृषि अधिकारी, सहायक अभियंता ग्रामीण की टीम ग्राम सचिव को साथ लेकर गांव में पहुंची। जांच के दौरान कई विकास कार्य मौके पर हुए नहीं मिले। इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल व मुख्य सचिव को शिकायत भेजते हुए पूर्व प्रधान व ग्राम सचिव पर विकास कार्यों में गबन का आरोप लगाया था।
गांव सौंदत निवासी प्रवेज, जिशान, महताब, मिकार, जब्बाब, मुन्नर और मतीन ने मुख्यमंत्री पोर्टल, मुख्य सचिव, मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को शिकायत की थी कि पिछले पांच साल में गांव के विकास कार्य कराने के लिए 2 करोड़ 99 लाख 4 हजार 500 रुपये विकास कार्यों के लिए शासन द्वारा भेजे गए थे। आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान आसमा और ग्राम सचिव अनीस अहमद ने गांव में किसी भी प्रकार का कोई विकास कार्य नहीं कराया। फर्जी तरीके से विकास कार्य दिखाकर सरकारी पैसा निकालकर गबन कर लिया।
जिलाधिकारी के. बालाजी ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही, सहायक अभियंता ग्रामीण नीशु मलिक सहित पांच अधिकारियों की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। सोमवार को टीम ने गांव सौंदत पहुंची और शिकायतकर्ताओं से जानकारी लेने के साथ गांव में कराए गए विकास कार्यों की जांच मौके पर जाकर की। जांच में मुन्ना की नर्सरी से फकीरा के मकान तक का नाला, सुक्का के मकान से इस्तेकार के मकान तक नाला तथा बसारत के मकान से विद्यावती तक का नाला मौके पर नहीं मिला। यह देख अधिकारी आश्चर्यचकित रह गए। अधिकारियों ने 17 स्थानों पर जाकर विकास कार्यों की जांच की। सामने आया कि करीब 1.17 करोड़ के विकास कार्य नहीं कराए गए। अधिकारियों की टीम के साथ दर्जनों ग्रामीण रहे। अधिकारी शिकायतकर्ताओं से जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने की बात कहते हुए लौट गए।
ग्राम सचिव अनीस अहमद ने बताया कि गांव सौंदत में पिछले पांच साल में चार ग्राम सचिव तैनात रहे हैं। अपने समय में कराए विकास कार्य जांच टीम को दिखा दिए हैं।
खंड विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह का कहना है कि जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।