मेरठ के गंगानगर में सोमवार को पकड़े गए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से आईएलडी (इंटरनेट लॉग डिस्टेंस ऑपरेशन) और इंटरनेशनल गेटवे को बाईपास कर खाड़ी देशों में हजारों कॉल की जा रही थीं। इस तरह अवैध टेलीफोन एक्सचेंज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं। किस नंबर पर कितनी कॉल की गईं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम एलएसए (लाइसेंस सर्विस एरिया) वेस्टर्न यूपी-उत्तराखंड़ को गंगानगर इलाके में इंटरनेशनल कॉल के हैवी ट्रैफिक की जानकारी मिली तो जांच शुरू हुई। पता चला कि गंगानगर कॉलोनी के अंदर तिलकपुरम में तीसरी मंजिल पर अवैध तरीके से टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा था।
पुलिस और डीओटी (डिर्पाटमेंट ऑफ टेलीकॉम) की टीम ने सोमवार को यहां से188 सिम बरामद किए। आईएसडी कॉल के लिए यहां से वॉयल ऑफ इंटरनेट प्रोटोकॉल का प्रयोग कर पूरा खेल चल रहा था। टेलीकॉम डिपार्टमेंट अब सिम के रिकार्ड की भी जांच कर रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा, करोड़ों का लगाया चूना
डीओटी के डायरेक्टर जनरल सिक्यूरिटी देब कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि ऐसा अवैध टेलीफोन एक्सचेंज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह बड़ा खतरा है। यहां से सऊदी अरब में जिस एक कॉल पर 35 रुपये खर्च होने थे उस पर मात्र एक से दो रुपये खर्च में बात कराई जा रही थी। डीओटी के साथ बीएसएनएल, एयरटेल और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। देब कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि यह भी जांच हो रही है कि यह टेलीफोन एक्सचेंज कब से चल रहा था।