सपा सरकार में मंत्री रहे और हस्तिनापुर से दो बार विधायक रह चुके प्रभुदयाल वाल्मीकि ने 59 साल की उम्र में कक्षा 12 की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण कर ली है। उनका कहना है कि सीखने और पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर की किताबों से प्रेरणा लेने के बाद उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उन्हें इस बात की खुशी है कि उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई। अब उनका इरादा एलएलबी करने का है।
वाल्मीकि ने बताया कि उन्होंने रसायन विज्ञान में 76 अंक प्राप्त किए हैं। जब नामांकन करते थे तो उसमें हाई स्कूल लिखने में शर्म महसूस होती थी। इसी दौरान उन्होंने बाबा साहब की किताबें पढीं। इससे शिक्षा और संघर्ष की प्रेरणा मिली। इसलिए उन्होंने दसवीं से आगे की शिक्षा के लिए मेहनत की। उन्होंने अपने शिक्षकों और अन्य सहयोगियों का आभार जताया। वाल्मीकि के इस अनूठे प्रयास की हर कोई सराहना कर रहा है। ऐसे अन्य कई नेताओं के लिए भी यह प्रेरणादायक है।
10 से 12 घंटे तक भी की पढ़ाई
कोरोना काल में भी वह एकांत में 12-12 घंटे किताबें पढ़ते थे। इस बार किसी चुनाव में सक्रिय नहीं रहे तो पूरा मन पढ़ाई में लगाया। यह सिलसिला अब आगे भी जारी रहेगा।
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