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दशहरा: धू-धूकर जले कुंभकरण-मेघनाद के पुतले, यहां ऐसी परंपरा...रावण के पुतले के मुंह में डालते हैं शराब, इस बार कोरोना का पुतला भी होगा दहन

Fri, 15 Oct 2021 11:52 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

रावण को असत्य का प्रतीक मानकर दशहरे के दिन जलाया जाता है। शहर में मान्यता है कि बिना शराब पिए रावण का पुतला श्रीराम के सामने मैदान में खड़ा नहीं हो सकता। कारीगर रावण के पुतले को खड़ा करने से पहले जमीन और उसके मुंह में शराब डालते हैं।
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दशहरा पर्व पर शहर में सख्त रहेगी सुरक्षा व्यवस्था। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में श्री रामलीला कमेटी शहर की ओर से गुरुवार को कुंभकरण, मेघनाद और अहिरावण के वध की लीला का मंचन किया गया। कुंभकरण, मेघनाद के पुतले जलाए गए। बुढ़ाना गेट पर मेले जैसा माहौल रहा। वहीं आज यानी शुक्रवार को दशहरा मेला बुढ़ाना गेट और रावण का पुतला दहन रामलीला ग्राउंड दिल्ली रोड पर होगा। इस बार दिल्ली रोड पर मेला नहीं लगेगा।

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बुढ़ाना गेट सनातन धर्म मंदिर में लीला के दौरान दिखाया गया कि रावण अपने भाई कुंभकरण को युद्ध के मैदान में भेजने के लिए उसको जगाता है। कुंभकरण जागने के पश्चात रावण को भगवान श्रीराम की शरण में जाने की सलाह देता है। रावण अभिमान में चूर होने के कारण कुंभकरण की सलाह को ठुकरा देता है। कुंभकरण और भगवान राम का युद्ध होता है। कुंभकरण भगवान राम के हाथों मारा जाता है। मेघनाद युद्ध में जाने की तैयारी करता है। विभीषण भगवान राम को बताते हैं कि यदि मेघनाद अपने कुलदेवी के यज्ञ करने में सफल हो गया तो फिर वह अजय हो जाएगा। यज्ञ भंग करना जरूरी है। लक्ष्मण और वानर सेना यज्ञ भंग कर देती है। लक्ष्मण के हाथों मेघनाद वीरगति को प्राप्त होता है। अहिरावण भगवान राम और लक्ष्मण का अपहरण करके पाताल लोक में ले जाता है। हनुमान जी पाताल लोक पहुंचकर भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त कराते हैं। अहिरावण का वध किया जाता है। आयोजन में मुख्य रूप से शिव कुमार गुप्ता, मनोज माहेश्वरी, राहुल गुप्ता, मनोज गुप्ता, संजीव अग्रवाल, सचिन जिंदल, राकेश गर्ग, संजीव गुप्ता का सहयोग रहा।

शराब पीकर खड़ा होता है विशाल पुतला 
रावण को असत्य का प्रतीक मानकर दशहरे के दिन जलाया जाता है। शहर में मान्यता है कि बिना शराब पिए रावण का पुतला श्रीराम के सामने मैदान में खड़ा नहीं हो सकता। कारीगर रावण के पुतले को खड़ा करने से पहले जमीन और उसके मुंह में शराब डालते हैं।
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शहर में विभिन्न परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इसके पीछे कोई तर्क नहीं है लेकिन मानने वाले इसे मानते हैं। छावनी रामलीला कमेटी के महामंत्री गणेश अग्रवाल ने बताया कि मैदान में तीन पुतले रावण, मेघनाद और कुंभकरण के खड़े किए जाते हैं। बिना शराब के पुतले गिर जाते हैं। अन्य रामलीला में भी इसी प्रक्रिया को अपनाया जाता है। शहर रामलीला कमेटी की मीडिया प्रभारी संजीव गुप्ता ने बताया कि सभी रामलीला में रावण के पुतले को शराब पिलाने की परंपरा है।

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संगीनों के साए में रावण के पुतले, ड्रोन से निगरानी 
शहर में रावण के पुतलों का दहन संगीनों के साए में होगा। शहर को नौ जोन, 30 सेक्टर में बांटते हुए 18 बाजारों में क्यूआरटी लगाई गई है। छेड़छाड़ और चेन स्नैचिंग करने वालों की धरपकड़ के पुलिस गश्त कर रही है। 

गुरुवार को एडीजी जोन ने शाम साढ़े पांच बजे बेगमपुल से भैसाली बस अड्डा, जली कोठी चौराहा, छतरी वाला पीर, इंदिरा चौक, हापुड़ अड्डा होते हुए जीआईसी के सामने से सोतीगंज तक फ्लैग मार्च निकाला। 

किसानों के विरोध पर निगाह 
कृषि कानून वापस नहीं लिए जाने से नाराज विभिन्न किसान संगठनों ने शुक्रवार और शनिवार को सरकार का पुतला फूंकने की चेतावनी दी है। पुलिस दिनभर किसान प्रतिनिधियों से बातचीत करती रही। खुफिया विभाग भी सक्रिय रहा।

रावण के साथ करेंगे कोरोना के पुतले का दहन 
कंकरखेड़ा व्यापार संघ व मित्र मंडल समिति की ओर से शुक्रवार को दशहरा मेले का आयोजन किया जाएगा। अध्यक्ष नीरज मित्तल ने बताया कि मार्शल पिच पर मेला लगेगा। रावण का पुतला 81 फीट, कुंभकरण का 71 और मेघनाद का भी 71 फीट का दहन किया जाएगा। पं. संजय त्रिपाठी बताया कि मेले में दुकान लगाने वाले या झूले लगाने वाले किसी भी व्यापारी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। 

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चार रामलीला कमेटियों को नहीं मिली मेले की अनुमति 
शहर की परंपरागत चार रामलीला कमेटियों को दशहरा पर मेला आयोजन की लिखित अनुमति नहीं मिली है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन किए जा सकते हैं। रामलीला मैदान दिल्ली रोड, छावनी रामलीला भैसाली ग्राउंड, कंकरखेड़ा मार्शल पिच को दशहरा मेला आयोजन की अनुमति दी गई है। ऐसे में बाबा मनोहरनाथ मंदिर समिति सूरजकुंड, प्रह्लाद नगर रामलीला कमेटी, रजबन रामलीला कमेटी और के ब्लॉक शास्त्रीनगर रामलीला समिति को भी मेला आयोजन की लिखित में अनुमति दी जानी चाहिए।

आज शहर में इन नौ जगह लगेगा दशहरा मेला 
1 भैसाली ग्राउंड सदर
2 रजबन 
3 कंकरखेड़ा 
4तोपखाना 
5 कसेरुखेड़ा 
6 जैलचुंगी 
7 बुढ़ाना गेट 
8 प्रहलादनगर
9 सूरजकुंड
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