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तस्वीरें: 'हार गए तो हार गए...' आपको जीत मुबारक, याकूब कुरैशी के जीतने की अफवाह उड़ते ही मना जश्न

Fri, 24 May 2019 02:45 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला
मोदी लहर का जादू ही कहा जायेगा कि मेरठ सीट पर तमाम अंतर विरोध और विपरीत समीकरण के बावजूद भाजपा ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की। पूर्व में मेरठ सीट पर सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड बनाने वाले राजेंद्र अग्रवाल के साथ इस बार सबसे कम अंतर से जीत का रिकॉर्ड भी जुड़ गया। उन्होंने मात्र 4729 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। तीन घंटे चली हार-जीत की कशमकश के बीच आखिरी वक्त में किसी ने हाजी याकूब के जीतने की अफवाह फैला दी जिसके बाद उनके समर्थक जश्न मनाने लगे।  
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हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला
दोपहर तक बढ़ने पिछड़ने का सिलसिला चलता रहा। शाम को भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने बढ़त बना ली और जीत हासिल की। अहम बात ये रही कि पिछले चुनाव में सभी विधानसभाओं से बढ़त बनाने वाले राजेंद्र अग्रवाल इस बार सिर्फ कैंट में मिली बढ़त के सहारे ही जीत हासिल कर सके। इस सीट पर बसपा से हाजी याकूब कुरैशी ने भाजपा को रोमांचकारी टक्कर दी।

 
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हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला
मेरठ-हापुड़ सीट भाजपा के लिए सुरक्षित मानी जाती रही है। लेकिन इस बार सपा, बसपा और रालोद गठबंधन ने भाजपा के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। जिस तरह मुस्लिम-एससी मतदाताओं का बसपा प्रत्याशी के पक्ष में ध्रुवीकरण हुआ, उससे इस सीट पर एक नये समीकरण बन गए।

 

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हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला
हाल ये रहा कि भाजपा हापुड़, किठौर, दक्षिण और शहर विधानसभा में बड़े अंतर से हारी। इन चारों विधानसभाओं में भाजपा की हार का अंतर एक लाख के आसपास था। लेकिन कैंट में मिली 1.02 लाख से ज्यादा की लीड और पोस्टल बैलेट से मिली बढ़त से राजेंद्र अग्रवाल मात्र 4729 वोटों से जीत हासिल कर पाए। मेरठ सीट पर मतदाताओं ने कांग्रेस को हाशिये पर रखा, जबकि 1989 से पहले इस सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व रहता था। कांग्रेस को अब तक के सबसे कम वोट मिले। प्रत्याशी हरेंद्र अग्रवाल 34,479 वोट ही हासिल कर पाए।
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घंटाघर पर जश्न मनाते हाजी याकूब कुरैशी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
हाजी याकूब के जीतने की अफवाह पर मनाया जश्न  
मतगणना के दौरान शाम को यह अफवाह फैल गई कि गठबंधन के प्रत्याशी हाजी याकूब 2800 वोटों से जीत गए हैं। यह सुनना था कि जली कोठी, खैरनगर, बुढ़ाना गेट और भूमिया पुल पर ढोल बजने लगे। बसपा समर्थक आतिशबाजी करते हुए नारेबाजी करने लगे। बसपा के झंडे लेकर जुलूस निकालना शुरू कर दिया। 
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घंटाघर पर जश्न मनाते हाजी याकूब कुरैशी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
भूमिया के पुल पर हवाई फायरिंग भी हुई। जीत की अफवाह इस कदर फैली कि शहर से लेकर गांव तक उनके समर्थक जीत का जश्न मनाने लगे। जली कोठी पर हाथों में बसपा के झंडे लेकर लोग निकले और नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि गठबंधन के प्रत्याशी हाजी याकूब जीत गए हैं इसलिए जुलूस निकाल रहे हैं और जश्न मना रहे हैं। ऐसा ही हाल खैरनगर, बुढ़ाना गेट और भूमिया के पुल पर था। भूमिया के पुल पर तो हवाई फायरिंग भी की गई। 
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घंटाघर पर जश्न मनाते हाजी याकूब कुरैशी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
दूसरी तरफ, जिन लोगों को यह खबर थी कि भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल जीते हैं, उनके फोन लगातार अमर उजाला कार्यालय में घनघनाते रहे। वह यह पूछ रहे थे कि क्या गठबंधन प्रत्याशी जीत गए हैं। उन्हें यह सूचना मिली है कि दोबारा मतगणना हुई है, जिसमें गठबंधन प्रत्याशी जीत गए हैं। 

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घंटाघर पर जश्न मनाते हाजी याकूब कुरैशी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
उन्हें सही बात बताई गई कि यह महज अफवाह है, दोबारा मतगणना नहीं हुई है। भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल ही जीते हैं। इस तरह यह मैसेज लोगों तक पहुंचा तो उन्हें समझ आया कि यह किसी ने गलत सूचना फैला दी थी। तब जाकर जुलूस, आतिशबाजी और ढोल बजने बंद हुए। हालांकि इस सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और जुलूस निकाल रहे लोगों को समझाया।

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घंटाघर पर जश्न मनाते हाजी याकूब कुरैशी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
लगे हाजी याकूब जिंदाबाद के नारे
जुलूस निकाल रहे लोग नारेबाजी कर रहे थे। वे 'हाजी याकूब जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे। इनमें काफी संख्या में युवा थे। इनमें से कुछ के हाथ में बसपा के झंडे भी थे। जुलूस निकाल रहे लोगों का कहना था कि वह हाजी याकूब को जीत की बधाई देने जा रहे हैं। 

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हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला
क्या बोले याकूब कुरैशी
तीन घंटे पहले ही प्रशासन ने भाजपा की जीत की सूचना चुनाव आयोग को भेज दी थी। हमें तो जोड़तोड़ कर अब बताया है। यह डेमोक्रेसी है। हमें कोई दिक्कत नहीं। हार गए तो हार गए। सबको इस जीत की बधाई हो। - हाजी याकूब कुरैशी, बसपा प्रत्याशी

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याकूब कुरैशी का बेटा - फोटो : अमर उजाला
सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती को लेकर जहां सब कुछ सामान्य था। वहीं, शाम साढ़े पांच बजे अचानक मामला फंस गया। भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल के समर्थकों ने जीत होने की बात कहते हुए नारेबाजी की तो हाजी याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज मतगणना हॉल में पहुंच गए। उन्होंने वहां एजेंटों से बात करने के बाद बाहर आकर समर्थकों को बताया कि अभी वोटों की गिनती बाकी है। 14 सौ वोटों से उनकी ही जीत होगी। 

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याकूब कुरैशी - फोटो : अमर उजाला
इसके कुछ देर बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने हाजी याकूब कुरैशी को फोन करके मौके पर बुला लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जहां भाजपा के समर्थकों के चेहरों की हवाईयां उड़ गईं। वहीं, याकूब कुरैशी समर्थकों के चेहरे खिल गए। शाम साढ़े पांच बजे से रात साढ़े आठ बजे तक जब तक प्रशासन ने राजेंद्र अग्रवाल की जीत की घोषणा नहीं की तब तक दोनों खेमों में जीत के दावे को लेकर मशक्कत चलती रही। 

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मतगणना स्थल पर पहुंचा हाजी याकूब कुरैशी का बेटा - फोटो : अमर उजाला
वोटों की गिनती के दौरान शाम चार बजे तक याकूब कुरैशी के एजेंटों ने अपने समर्थकों को बता दिया कि कुछ ही राउंड बाकी है। वे आगे ही रहेंगे। दूसरी तरफ राजेंद्र अग्रवाल के एजेंटों ने पांचों विधानसभा की वोट जोड़ते हुए अपने समर्थकों को बता दिया कि घबराने की जरूरत नहीं है। कैंट के राउंड अभी बाकी हैं। ऐसे में सात-आठ हजार से वह चुनाव जीत जाएंगे। 

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मतगणना स्थल पर तैनात पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सांसद राजेंद्र अग्रवाल बाहर पंडाल में बैठे तो समर्थकों की भीड़ जुट गई। राजेंद्र अग्रवाल ने भीतर से दो एजेंट को बुलाकर सारी स्थिति से अवगत कराने को कहा तो उन्होंने बताया कि अभी वह पीछे हैं। लेकिन सारी वोट जोड़कर वह सात-आठ हजार वोटों से जीत जाएंगे। यह सुनकर भाजपाइयों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। 

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मतगणना स्थल के बाहर जश्न मनाते बीजेपी कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
कैसे बता दी जीत...
कुछ ही देर में पूरे मतगणना स्थल पर सूचना फैल गई कि राजेंद्र अग्रवाल 11 हजार वोटों से जीत गए हैं। बस घोषणा होना बाकी है। हाजी याकूब कुरैशी की तरफ से उनके बेटे इमरान याकूब और फिरोज याकूब मौजूद थे। जब भाजपा की नारेबाजी शुरू हुई तो कुछ देर बाद इमरान मतगणना हॉल से निकलकर चले गए। इसके बाद करीब सवा पांच बजे फिरोज मतगणना हॉल में पहुंचे। 

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मतगणना स्थल पर पहुंचा हाजी याकूब कुरैशी का बेटा - फोटो : अमर उजाला
वहां एजेंटों से बात करने के बाद बाहर आकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि अभी गिनती पूरी नहीं हुई है। हापुड़ से वोटों की गिनती में कुछ समस्या आ रही है। 14 सौ वोटों से जीत उनकी ही होगी। साढ़े पांच बजे एसएसपी वहां से अपनी गाड़ी में बैठने लगे तो फिरोज ने उनको रोककर बताया कि अभी गिनती पूरी नहीं हुई है तो भाजपा की जीत कैसे बता दी। एसएसपी ने उनको बताया कि अधिकारिक तौर पर अभी किसी अधिकारी ने जीत की घोषणा नहीं की है।

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मतगणना स्थल के बाहर मौजूद याकूब कुरैशी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
आखिर विजयी घोषित
फिरोज ने अपने समर्थकों से कहा कि सभी बैठ जाइए। फाइनल गिनती में उनको ही जीत मिलेगी। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने हाजी याकूब कुरैशी को फोन करके मतगणना स्थल पर बुला लिया। छह बजकर 45 मिनट पर हाजी याकूब मतगणना स्थल पर पहुंच गए। कोई कहने लगा कि हाजी याकूब कुरैशी नौ सौ वोट से जीत रहे हैं तो कोई राजेंद्र अग्रवाल को 11 हजार से जीतने की बात करने लगा। 
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हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला
साढ़े आठ बजे प्रशासन ने भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल को 4729 वोटों से विजयी घोषित करते हुए हाजी याकूब कुरैशी को सारी गणना के बारे में संतुष्ट किया। शाम साढ़े पांच बजे से रात साढ़े आठ बजे तक हार-जीत को लेकर दोनों तरफ से मशक्कत चलती रही। सांसद राजेंद्र अग्रवाल की जीत की घोषणा होने के बाद एसएसपी खुद याकूब कुरैशी और उनके बेटों को साथ लेकर बाहर गाड़ी तक आए। 

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