गुलदार ने दस साल के बालक को मार डाला
अफजलगढ़ (बिजनौर)। गांव अलियारपुर के जंगल में परिजनों के साथ खेत में गए एक बालक नितेश को (10) को गुलदार गन्ने के खेत में खींचकर ले गया और उसे मार डाला। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बालक के परिजनों को मुआवजा दिलाने और गुलदार को पकड़वाने के लिए हंगामा किया व पुलिस को शव कब्जे में नहीं लेने दिया। वन विभाग अधिकारियों के मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए, करीब साढ़े पांच घंटे बाद गुलदार एक पिंजरे में फंस गया।
नितेश गांव अलियारपुर निवासी श्याम सिंह का बेटा था। भज्जावाला निवासी ब्रह्मपाल सिंह के अलियारपुर के जंगल में खेत है और वहां सरसों की फसल की कटाई चल रही है। श्याम सिंह भी परिवार के साथ वहां काम कर रहे थे। नितेश दोपहर करीब एक बजे वह पास में बह रही रामगंगा नदी पर हाथ पैर धोने गया था। लौटते समय वह परिजनों से कुछ ही दूरी पर था कि अचानक खेत से निकले गुलदार ने नितेश को दबोच लिया और खींचकर गन्ने के खेत में ले गया। परिजनों ने शोर मचाया तो खेत पर कार्य कर रहे अन्य लोग मौके ही ओर दौड़ पड़े। शोर मचाते हुए सभी गन्ने के खेत में घुसे और नितेश को तलाशना शुरू किया। कुछ ही दूरी पर वह मृत अवस्था में पड़ा मिला। गुलदार के हमले की बात सुनकर गांव वालों की मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर सीओ सुनीता दहिया, इंस्पेक्टर अफजलगढ़, एसओ रेहड़ मौके पर पहुंचे। भीड़ ने पुलिस को नितेश का शव नहीं उठाने दिया और वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने तथा मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग को कई बार गुलदार की सूचना देकर उसे पकड़वाने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। करीब दो घंटे के बाद वन विभाग के एसडीओ हरी सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बालक के परिजनों से वार्ता की। एसडीओ ने परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। ब्रह्मपाल सिंह, हरीराज सिंह, ऋषिपाल सिंह, श्याम सिंह, मनी सिंह, पवन कुमार आदि ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से शीघ्र मुआवजा दिलाने और गुलदार को पकड़कर वन क्षेत्र में छुड़वाने की मांग की है। नगीना रेंज के रेंजर वीरेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि गांव में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
घटना के बाद आसपास ही मंडराता रहा गुलदार
अफजलगढ़ (बिजनौर)। गांव अलियारपुर में शाम करीब चार बजे घटनास्थल पर पहुंचे डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने गुलदार को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगवाए। एक पिंजरा घटनास्थल और एक पिंजरा पास ही एक गन्ने के खेत में लगाया गया। एक पिंजरे में बकरी और दूसरे पिंजरे में कुत्ते को बांधा गया। गुलदार आसपास खेतों में मंडराता रहा और बकरी खाने के लालच में पिंजरे में जा पहुंचा। गुलदार पकड़े जाने की सूचना पर नगीना रेंज के रेंजर वीरेंद्र सिंह बोहरा, डिप्टी रेंजर सुनील राजौरा, वन दरोगा राधेश्याम सहित अन्य वन कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे और पिंजरे को गाड़ी में रख लिया गया। गुलदार को अफसरों की निगरानी में ही रखा गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गुलदार को जंगल में चिह्नित कर छोड़ा जाएगा।
गुलदार की दहशत के साये में जी रहे ग्रामीण
अफजलगढ़ (बिजनौर)। क्षेत्र में पिछले करीब एक साल से अलियारपुर, भज्जावाला और आसपास के क्षेत्र में गुलदार की दहशत है और ये लगातार ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं। 20 दिन पूर्व गांव नावका में एक कुत्ते का पीछा करते हुए गुलदार घर में जा घुसा था, जिसे गांव वालों ने कमरे में बंद कर दिया था और बाद में वन विभाग के कर्मचारी गुलदार को पिंजरे में बंद करके ले गए थे। बालक की जान लेने वाला यह दूसरा गुलदार पकड़ा गया है।
गांव अलियारपुर, भज्जावाला व आसपास के इलाके में कई बार गुलदार राहगीरों का रास्ता रोक लेता था। करीब एक वर्ष पूर्व गांव के ही कुछ व्यक्ति खेतों में काम कर रहे थे। गुलदार के आने पर सभी लोग पेड़ पर चढ़ गए। आधा घंटे तक गुलदार भी पेड़ के नीचे ही रहा। फोन पर दी सूचना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने गुलदार को खदेड़ा। गुलदार कई पशुओं को भी मार चुका है। गांव कटारमल में खेत में चारा काटने जा रहे किसान पर गुलदार ने हमला किया। गांव नवाबपुरा में बाइक मिस्त्री पर हमला कर जख्मी किया। एक गुलदार बीते एक माह से गांव भागीजोत व झाड़पुरा में देखा जा रहा है। 19 फरवरी को सोना देवी पर हमला कर घायल किया। गांव झाड़पुरा भागीजोत में तीन दिन पूर्व एक युवक व एक किशोरी पर हमला कर जख्मी कर चुका है। गांव प्रेमपुरी, नवाबपुरा और भागीजोत में वन विभाग द्वारा गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया मगर गुलदार पकड़ से दूर रहा।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चौकस हुए ग्रामीण
अफजलगढ़। गांव अलियारपुर निवासी नितेश कक्षा तीन का छात्र था और गांव आसफाबाद चमन स्थित राखी मेमोरियल स्कूल में पढ़ता था। नितेश के दो बड़ी बहन व एक बड़ा भाई है। नितेश घर में सबसे छोटा था। पिता श्याम सिंह की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उसके पास कोई जमीन नहीं है। वह पत्नी व परिवार के साथ मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। नितेश भी कभी स्कूल की छुट्टी होने पर या स्कूल समय के बाद अपने परिवार के साथ मजदूरी में हाथ बंटाने चला जाता था। नितेश की मौत के बाद ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सजग हो गए हैं। गांव वाले खेतों में बच्चों को अकेला न भेजने की बात कर रहे हैं। नितेश को गुलदार खा नहीं पाया। उसके गले पर जख्म के गहरे निशान थे। जैसे ही गुलदार ने बच्चे को खेत में खींच वैसे ही परिजनों ने शोर मचा दिया। भीड़ को अपनी ओर आता देख गुलदार बच्चे को छोड़कर भाग गया।
बिजनौर - अफजलगढ़ के गांव अलियारपुर के जंगल में गुलदार के हमले में हुई किशोर की मौत के विरोध में एसड- फोटो : BIJNOR
बिजनौर - अफजलगढ़ के गांव अलियारपुर में गुलदार के हमले में मरने वाले किशोर नितेश का फाईल फोटो।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर - अफजलगढ़ के गांव भागीजोत में गुलदार को पकड़ने के लिए पन्द्रह दिन से लगा पिंजरा व ट्रैप कैम?- फोटो : BIJNOR