फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूक्रेन युद्ध का बड़ा असर: सोने के दाम में आया भारी उछाल, 53 हजार के पार पहुंची कीमत, देखें 1971 से 2022 तक के आंकड़े 

Thu, 03 Mar 2022 04:30 PM IST
Dimple Sirohi आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

युद्ध और संकट काल में भले ही शेयर बाजार से अर्थव्यवस्थाओं तक में उतार-चढ़ाव आता रहा हो पर सोने के भाव बढ़ते ही रहे हैं। यूक्रेन में युद्ध के बाद शहर सराफा में सोना 53700 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुुंच गया है। हालांकि भाव में उछाल से स्थानीय बाजार में सोने की खरीद-बिक्री कम हो रही है...
विज्ञापन
gold rate today - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

युद्ध और प्राकृतिक आपदा के वक्त में भी लोग सोने में निवेश करते हैं। जब-जब दुनिया पर संकट आया सोने की कीमत और बढ़ती गई।  मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल बताते हैं कि आपातकाल में तेल और सोने के भाव हर बार बढ़े हैं। विश्वस्तर पर करेंसी के स्थान पर गोल्ड एक्सचेंज में प्रयोग किया जाता है। युद्ध में यह बहुत ज्यादा अहम हो जाता है। भारत में 1971 के युद्ध से यूक्रेन युद्ध तक हर बार सोना महंगा हुआ है। 
विज्ञापन

 
युद्धकाल में ऐसे चढ़ा सोने का भाव 
      युद्ध                         युद्ध पूर्व भाव    युद्ध के दौरान भाव
 2022 रूस- यूक्रेन युद्ध     रु.46,000    रु.53,700 
 2010-11 यमन क्राइसिस    रु.18,500   रु.26,500
 1980 ईरान-इराक युद्ध    रु.937    रु.1,800
 1971 भारत पाक युद्ध    रु.193    रु.278
(नोट: यूनाइटेड ज्वेलर्स एंड मैन्यूफेक्चरर्स फेडरेशन से प्राप्त आंकड़े)
विज्ञापन

11 फरवरी 2022 से 2 मार्च तक   ऐसे चढ़ा सोने का भाव
 तारीख    :    भाव
 11 फरवरी    :    रु.50,400
 18 फरवरी    :    रु.51,350
 23 फरवरी     :    रु.51,300

 तारीख    :    भाव
 26 फरवरी    :    रु.51,700
 1 मार्च     :   रु.52,200
 2 मार्च     :    रु.52,600

सबसे ज्यादा कोरोना में उछला सोना 
सोने का भाव मेरठ में सबसे ज्यादा कोरोना काल में बढ़ा। मेरठ में 2019  में सोना 35220 रुपये प्रति दस ग्राम से 56700 रुपये तक पहुंच गया था। सोने के इतिहास में यह सबसे ऊंचा दाम रहा। 

सोने में निवेश, सुरक्षा की गारंटी  
यूनाइटेड ज्वेलर्स एंड मेन्यूक्चरर्स फेडरेशन अध्यक्ष संजीव अग्रवाल कहते हैं कि सोने की कीमतों में वृद्धि सकारात्मक विकासशील अर्थव्यवस्था का संकेत है। चेंबर फॉर डेवलपमेन्ट एंड प्रोमोशन ऑफ एमएसएमई के सचिव आशुतोष अग्रवाल बताते हैं कि मुद्रास्फीति के खिलाफ सोना सुरक्षात्मक ढाल है। जब मुद्रास्फीति बढ़ती है तो मुद्रा का मूल्य नीचे चला जाता है। लंबी अवधि में लगभग सभी प्रमुख मुद्राओं में सोने के मुकाबले मूल्य में गिरावट आई है। लोग सोने में निवेश को सबसे सुरक्षित मानते हैं।

विवाह मुहूर्त में सोने की खरीदारी प्रभावित
चार मार्च को अबूझ मुहूर्त होने के कारण शहर में 700 से अधिक विवाह आदि मांगलिक आयोजन होंगे। आबूलेन स्थित भगत ज्वेलर्स के संचालक आकाश मांगलिक ने बताया कि जिन परिवारों में आने वाले समय में विवाह हैं केवल वही इस समय सोना खरीद रहे हैं। दाम बढ़ने की वजह से इन दिनों सोने की बिक्री कम हो रही है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें