शहीद विनोद की वीरांगना को राष्ट्रपति ने दिया कीर्ति चक्र
मोदीनगर। पतला निवासी शहीद विनोद की वीरांगना नीतू को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में कीर्ति चक्र प्रदान किया। कीर्ति चक्र लेते समय नीतू की आंखें नम हो गईं।
कस्बा पतला निवासी विनोद कुमार सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन में कांस्टेबल थे। फरवरी 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इसमें एक मार्च 2019 को कांस्टेबल विनोद कुमार आतंकियों से लोहा लेते हुए कुपवाड़ा के खानू बाबागुंड में शहीद हो गए थे। सरकार ने शहीद विनोद कुमार के पराक्रम को देखते हुए कीर्ति चक्र देने का फैसला किया था। मंगलवार शाम राष्ट्रपति भवन के दरबारा हॉल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नीतू को कीर्ति चक्र प्रदान किया। जैसे ही शहीद विनोद कुमार की शौर्य गाथा का गुणगान किया तो दरबारा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे।
कीर्ति चक्र मिला मगर घोषणाए नहीं हुईं पूरी
कस्बा पतला निवासी शहीद विनोद कुमार की वीरता, शौर्य और पराक्रम को देखते हुए सरकार ने उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया। लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से कई घोषणाएं करीब तीन साल बाद भी पूरी नहीं हुई। शहीद विनोद कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान जन सैलाब उमड़ा था। इसमें तमाम अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी शामिल हुुए थे। इस दौरान कई घोषणाएं की गई थीं। लेकिन करीब तीन साल बाद भी सड़क का नाम शहीद द्वार व शहीद स्मारक बनाने की घोषणा अभी पूरी नहीं हुई है। शहीद की वीरांगना नीतू और ग्रामीणों को इस बात मलाल है।
बड़ा होकर पापा की तरह मैं भी देश सेवा करूंगा
सम्मान समारोह के बाद वीर सैनिकों के सम्मान में रात्रि भोज दिया गया। इसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों के परिजनों से बातचीत की। इस दौरान शहीद विनोद कुमार के पुत्र अंश ने रक्षामंत्री राजनाथ से अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा है कि वह शहीद का बेटा है और अपने पिता की तरह सेना में जाकर देश सेवा करूंगा। रक्षामंत्री राजनाथ ने अंश को आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उधर, वीरांगना नीतू का कहना है कि उसे अपने पति पर गर्व है कि उन्होंने देश सेवा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।