लगातार तीसरे चौथे दिन बाढ़ का कहर खादर क्षेत्र के गांव की गलियों में देखने को मिला। लतीफपुर, किशनपुर, भीमकुंड, रठौरा कला, भागोपुर आदि गावों में रहने वाले लोगों ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार उनके आशियाने बाढ़ के बीच खड़े हैं जो अब देख रहे हैं जिनमें बड़ी-बड दरार आ चुकी है किस वक्त यह धरती पर गिर जाए इसका अब कोई अंदाजा नहीं है। जब इनके मकानों में नीचे पानी भर गया तो इन्होंने अपने डबल बेड, सोफा सेट, कुर्सी, मेज, बर्तन व अन्य सामान को सुरक्षित स्थान पर रखा है।
गांव के हालातों को देखते हुए विपदा की मार से न चाहते हुए भी लोग गांव को छोड़ने को मजबूर हैं। अब यहां बाढ़ के डर से अपने परिवार के लोगों को रिश्तेदारों के घर भी भेज रहें है।
लतीफपुर निवासी कश्मीर, आशाकौर, जीवत सिंह, गुणवंती कौर, मेवा सिंह, आदि ने बताया कि जिन घरों की एक-एक ईंट को लगवाने के लिए उन्होंने खून पसीने से कमाया धन खर्च किया था। और इन घरों को अपने हाथ से बनवाया था।
आज बाढ़ का पानी के चारों और भरा है और इनके ध्वस्त होने का खतरा बढ़ रहा है, घरों में बड़ी बड़ी दरार आ गई है जिनमें इनमें रात को सोना तो दूर उनके पास जाने से भी भय लग रहा है। अब ये लोग भगवान से एक ही प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके घरों को कुछ न हो ताकि हालात सामान्य होने के बाद वह एक बार फिर से गांव में हंसते-खेलते अपना जीवन व्यतीत कर सकें।
बाढ़ के पानी में भीग गया घर में रखा गेहूं
ग्रामीणों ने बताया कि गंगा की बाढ़ का पानी धीरे-धीरे गांव की और बढ़ रहा है। घरों में पानी भरने से कई लोगों के खाने का गेहूं और अन्य कीमती सामान मिल चुका है जिसे निकाल कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। पशुओं को भी गांव से निकाल कर रिश्तेदारी में पहुंचाया है। ट्रालियों में घरों का सामान रखा है।