मेरठ के गांधी गंगा घाट खरखाली में डूबे पांच युवकों की तलाश करते सेना के जवान।
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एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने के बाद गंगा में स्नान करते समय पांच युवक डूब गए। लोगों ने दो युवकों को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि तीन युवकों का सुराग नहीं लगा। आर्मी के जवान और गोताखोर तीनों युवकों की तलाश में जुटे रहे।
परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गेसूपुर शुमाली गांव निवासी पोदी पुत्र हंसा (65) की बीमारी के चलते शनिवार सुबह मौत हो गई थी। परिवार के लोग और ग्रामीण शव को लेकर गांधी गंगा घाट खरखाली पर पहुंचे।
अंतिम संस्कार करने के बाद गंगा में स्नान के करते समय मनीष (20) पुत्र मन्नू, बाबू (18) पुत्र बीरू, भूपसिंह (36) पुत्र बलजीत, बिजेंद्र पुत्र राजपाल, सोनू पुत्र खेमचंद डूबने लगे। युवकों को डूबते देख किसान चंद्रपाल ने शोर मचा दिया। इस पर गंगा पार पलेज लगाने वाले उमेश और हरवंश ने अपनी नांव के सहारे विजेंद्र और सोनू को किसी तरह बचाया।
जबकि मनीष, बाबू और भूपसिंह का कोई पता नहीं चला। ग्रामीणों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। उन्होंने गंगा किनारे कैंप कर रहे 65 इंजीनियरिंग कोर के जवानों को भी जानकारी दी। इस पर जवानों ने मोटरबोट से युवकों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं, हादसे की जानकारी पाकर बंगाली बस्ती के गोताखोर गंगा घाट पहुंचे और तलाश में जुट गए। पीड़ितों के गांव और आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पडे़। वहीं बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा गंगा घाट पर पहुंचे तथा गोताखोरों को बुलाकर तलाश कराई।