सोहित ने नायब तहसीलदार को दिए बयान में कहा कि कृषि बिल के विरोध में उसने अपनी गेहूं व जौ की मिक्स फसल की जुताई की। फसल की लागत अधिक आ रही है। सरकार ने गन्ने का दाम नहीं बढ़ाया। गन्ने का भुगतान भी नहीं मिल रहा। इसलिए उसने यह कदम उठाया हैं।
ग्रामीण बोले- गन्ना बोने को करना था खेत खाली
गांव कुलचाना के ही कुछ ग्रामीणों ने कहा कि सोहित और उसके बड़े भाई डॉक्टर सूरज कुमार के पास करीब 80 बीघा जमीन है। सूरज पंजाब के एक कैंसर अस्पताल में चिकित्सक हैं। सोहित के अन्य खेतों में भी अभी गेहूं की फसल खड़ी है।
उसने एक माह पहले पांच बीघा जमीन में गेहूं की बुवाई की थी। गेहूं की फसल कमजोर थी और उसे इस खेत में गन्ना बोना है। उसने जुताई की वीडियो बनाकर वायरल कर दी। निवर्तमान ग्राम प्रधान पिलाना नवनीत शर्मा के मुताबिक वे खुद भी खेत को देख कर आए हैं, गेहूं की फसल की खेत की जुताई की गई है।
तेलीुपरा का किसान आज जोतेगा फसल
क्षेत्र में तेलीपुरा के किसान टोनी ने भी दावा किया है कि कृषि कानूनों के विरोध में वह अपनी पांच बीघा गेहूं की फसल की जुताई रविवार को करेगा। उन्होंने दिल्ली के गाजीपुर में चल रहे किसान आंदोलन स्थल से यह वीडियो बनाकर वायरल किया है।
टोनी ने अपने पास करीब 35 बीघा जमीन होना बताया है, जिसमें से दस बीघा जमीन पर गेहूं की फसल खड़ी हुई है। उसने दस बीघा गेहूं की खड़ी फसल में से पांच बीघा गेहूं की फसल को कृषि कानूनों के विरोध स्वरूप जुताई करने की बात कही है।
मुजफरनगर में किसान ने एक एकड़ गेहूं की खड़ी फसल पर चलाया ट्रैक्टर
मुजफ्फरनगर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान पर बिजनौर के बाद मुजफ्फरनगर के दिग्गज नेता राजू अहलावत के गांव में किसान योगेश अहलावत ने एक एकड़ गेहूं की फसल पर रूटर चलाकर खड़ी फसल नष्ट कर दी।
तीन कृषि कानूनों के विरोध में खतौली क्षेत्र के गांव भैंसी के किसान योगेंद्र ने ट्रैक्टर से अपनी दस बीघा गेहूं की फसल को जोत दिया। योगेंद्र सिंह के पास 40 बीघा जमीन ,है जिसमें उसने 30 बीघे में गन्ना बोया है, दस बीघा में उसने गेहूं की फसल बोई थी। फसल तैयार हो रही थी। रविवार को उसने अपनी 10 बीघा गेहूं की फसल में ट्रैक्टर चला दिया।
किसान योगेंद्र सिंह ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के चल रहे आंदोलन के समर्थन में और सरकार की नीतियों के विरोध में उसने यह फसल नष्ट की है। किसान ने बताया कि बाजार में गेहूं का दाम कम है जबकि लागत ज्यादा आई है। वह इस जमीन में अब अगेती चारे की फसल बोएगा।