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पूर्व मंत्री के बेेटे कार्तिकेय राणा पर FIR दर्ज, अधिकारी नहीं दिखा सके गिरफ्तारी की हिम्मत

Thu, 18 May 2017 08:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
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कार्तिकेय राणा को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस
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सहारनपुर में सोशल मीडिया पर भड़काने वाला पोस्ट किए जाने एवं 18 मई को शब्बीरपुर पहुंचने के राजपूत समाज के आह्वान पर पूर्व मंत्री स्व. राजेंद्र राणा के पुत्र कार्तिकेय राणा पर पुलिस ने बड़गांव थाना में आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करा दी। उसके बाद गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। लेकिन पुलिस को चकमा देकर कार्तिकेय अपने गांव भायला पहुंच गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी भायला पहुंचे, लेकिन कार्तिकेय को गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं दिखा सके। बाद में कार्तिकेय ने बसपा के पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू की गिरफ्तारी की मांग समेत पांच सूत्रीय मांग पत्र एडीएम को सौंपा।
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वहीं बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर में 5 मई को हुए बवाल के मामले को लेकर कार्तिकेय राणा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर राजपूत समाज के पक्ष में भड़काऊ पोस्ट जारी किया। पोस्ट में भड़काए जाने वाले शब्दों का प्रयोग करने के साथ ही समाज के लोगों से 18 मई को शब्बीरपुर पहुंचने का आह्वान किया गया। सोशल मीडिया पर जारी की गई पोस्ट को भड़काऊ मानते हुऐ बड़गांव पुलिस ने कार्तिकेय राणा के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली और शब्बीरपुर जाने से रोकने के लिए गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी। बुधवार की रात में ही पुलिस ने सहारनपुर शहर के आवास विकास स्थित कार्तिकेय राणा के आवास पर दबिश दी। उसके बाद सुबह लगभग साढ़े 10 बजे पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहुंच गई। लेकिन कार्तिकेय राणा पुलिस को चकमा देकर निकल गए। पुलिस ने वहां से फरहान और मनोज नाम के दो युवकों को हिरासत में ले लिया। बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बृहस्पतिवार सुबह कार्तिकेय राणा के शिमलाना गांव पहुंचने की खबर पर पुलिस ने वहां दबिश दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही कार्तिकेय वहां से निकल गए। इसके बाद पुलिस क्षेत्रीय गांवों में कार्तिकेय और उनके समर्थकों को तलाशती रही। इसके बाद वह अपने पैतृक गांव भायला पहुंचे और वहां से शब्बीरपुर कूच करके गिरफ्तारी देने की बात कही। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

गिरफ्तार नहीं कर सके कार्तिकेय को

गिरफ्तार नहीं कर सके कार्तिकेय को
पुलिस, प्रशासन को जैसे ही कार्तिकेय राणा के भायला में होने की सूचना मिली, पुलिस अधीक्षक देहात विद्यासागर मिश्र और अपर जिलाधिकारी एसके दुबे पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच गए। लेकिन वहां समर्थकों की भीड़ को देख कार्तिकेय को गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इस दौरान अधिकारियों एवं कार्तिकेय के बीच जमकर नोकझोंक हुई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी प्रकार उन्हें समझाबुझाकर शब्बीरपुर न जाने के लिए मना लिया।

पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
कार्तिकेय राणा ने प्रशासन से भीम आर्मी के चंद्रशेखर, पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू व शब्बीरपुर संघर्ष के मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान शिवकुमार की गिरफ्तारी, व्हाटसएप पर ठाकुरों के विरुद्ध भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर कार्रवाई, राजपूत युवकों पर दर्ज किए गए सभी झूठे मुकदमे वापस करने समेत पांच सूत्रीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। 

20 मई तक गिरफ्तारी न होने पर दी जंतर-मंतर पर धरने की चेतावनी

जनता को समझाते पुसिसकर्मी
कार्तिकेय राणा ने चेतावनी दी कि अब राजपूतों का अपमान बर्दास्त नहीं किया जाएगा। 20 मई तक आरोपियों की गिरफ्तारी नही हुई तो वे गांव दर गांव से बिरादारी के लोगों को इकट्ठा कर दिल्ली कूच कर जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।    
  
बड़गांव-देवबंद मार्ग रखा घंटों डायवर्ट      
बड़गांव। बृहस्पतिवार को कार्तिकेय राणा की गिरफ्तारी को लेकर दोपहर ढाई बजे पुलिस ने कस्बे में बड़गांव-देवबंद मार्ग को डायवर्ट कर वाहनों को देवबंद की ओर जाने से रोक दिया। काफी देर तक देवबंद-नानौता मार्ग पर पूरी तरह से कर्फ्यू जैसे हालात नजर आए। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई कई किमी दूर से होकर जाना पड़ा। शाम चार  बजे पांच सूत्रीय ज्ञापन के बाद ही पुलिस एवं प्रशासन ने राहत की सांस ली और मार्ग खुल सका।
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आरएएफ और पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

पूर्व मंत्री स्व. राजेंद्र राणा के आवास पर पहुंची पुलिस
बड़गांव। शब्बीरपुर बवाल के मद्देनजर क्षेत्र में अमन, चैन कायम बनाये रखने के लिए बृहस्पतिवार शाम को सीओ सिद्धार्थ सिंह एवं थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने पुलिस एवं आरएएफ जवानों के साथ कस्बे की गलियों में फ्लैग मार्च किया। उन्होंने चेताया कि किसी ने क्षेत्र में अमन चैन बिगाड़ने का प्रयास किया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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