किसानों को किसी भी मिल में गन्ना डालने की मिले छूट
मवाना/सरधना (मेरठ)। देश में बढ़ती महंगाई, बिगडती कानून व्यवस्था, गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया। अध्यक्षता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान प्रकोष्ठ राम मेहर ने व संचालन पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल देव प्रमुख ने किया। उन्होंने एक ज्ञापन राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा।
रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के आह्वान पर शनिवार को किसान क्रांति दिवस मनाया गया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान प्रकोष्ठ राममेहर सिंह ने कहा कि गन्ने का बकाया भुगतान मय ब्याज के दिलवाया जाए। गन्ने का आगामी सीजन शुरू होने वाला है किसानों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर लाभकारी मूल्य घोषित किया जाए। पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल देव ने कहा कि गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। युवा रालोद नेता संजय चौधरी ने कहा कि किसान अपना गन्ना किसी भी चीनी मिल में डाल सकता है इसकी छूट दी जाए। गन्ने की ढुलाई का भाड़ा खत्म किया जाए। किसानों के लिए खाद व कृषि यंत्रों के रेट कम किए जाएं। मंडी में किसानों के गेहूं की जो खरीद होती है, उस पर एमएसपी निर्धारित की जाए। पुलिस चौकी बस स्टैंड से तहसील रोड पर एक विशाल जुलूस के साथ कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान आगा ऐनुद्दीन शाह, चौधरी बलराज सिंह, चौधरी राजपाल सिंह आर्य, जिला पंचायत सदस्य अनिकेत भारद्वाज, संजय पनवाड़ी, यशवीर सिंह करनावल, ओमप्रकाश, कृष्णपाल, मतीन प्रधान, बबलू, गोविंदा, अशोक प्रधान, ऐनुद्दीन शाह, विक्रांत चौधरी, अंकुर देओल, डीपी गिरी, रुपेश फोगाट, रुबिश, बबलू, ऋषिपाल प्रधान, दर्पण सिवाच, सचिन अहलावत आदि मौजूद रहे।
वहीं, मवाना तहसील में जिलाध्यक्ष मतलूब गौड के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया। संचालन एडवोकेट रजत चौधरी ने किया। जिला अध्यक्ष मतलूब गौड़ ने कहा कि किसानों को दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए नौ महीने से अधिक का समय हो गया है लेकिन अहंकारी सरकार मांगे मानना तो दूर, उनकी सुध तक नहीं ले रही। लोकतंत्र में अहंकार और तानाशाही का कोई स्थान नहीं हैं। इस दौरान नरेंद्र सिंह खजूरी, विश्वास चौधरी, चौ. रतन सिंह, संजय जाटव, रामफल सिंह बहजादका, सरदार जज सिंह, संगीता दोहरे, भारत वीर गुर्जर, अजीत प्रताप, आतिर रिजवी, डॉ. गुलजार आदि मौजूद रहे।