किसानों ने कब्जाई नौचंदी, एसी कोच में घुसने पर हंगामा
मेरठ। किसान महापंचायत के लिए लखनऊ कूच कर रहे किसानों ने नौचंदी एक्सप्रेस को कब्जा लिया। किसान बिना आरक्षण के ही एसी और स्लीपर कोच में घुस गए। कोच से बाहर निकालने को लेकर किसान आरपीएफ और जीआरपी जवानों से भिड़ गए। किसानों ने मांग करने के बाद भी रेलवे प्रशासन पर कोच उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। काफी समझाने के बाद ही किसान एसी कोच से निकले। सिटी स्टेशन किसान एकता जिंदाबाद के नारों से गूंजता रहा। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत के किसान लखनऊ रवाना हुए। किसानों की भारी भीड़ से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की लखनऊ में किसान महापंचायत होने जा रही है। तीन कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा से उत्साहित भाकियू के नेतृत्व मेें लखनऊ जाने के लिए सैकड़ों किसान रविवार शाम छह बजे सिटी स्टेशन पहुंचे। किसानों ने ट्रेन के कोच खुलते ही कब्जाना शुरू कर दिया। काफी किसान एसी कोच में भी घुस गए। आरपीएफ और जीआरपी जवान मौके पर पहुंचे और किसानों से एसी कोच खाली करने को कहा। किसानों ने बाहर निकलने से मना कर दिया। कहा कि उन्होंने रेल प्रशासन से समय रहते अतिरिक्त बोगियों की व्यवस्था करने की मांग की थी। लेकिन रेलवे ने व्यवस्था नहीं की। हंगामा बढ़ता देख भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को एसी कोच छोड़कर स्लीपर कोच में बैठने को कहा। इसके बाद किसानों ने एसी कोच छोड़ा।
स्टेशन पर गुड़गुड़ाया हुक्का
किसान पंचायत में जा रहे किसान अपने साथ हुक्का भी लेकर गए हैं। गांव दबथुआ, जंगेठी, चिंदौड़ी टप्पा लावड़, दौराला आदि से पहुंचे किसानों ने स्टेशन पर बैठकर हुक्का गुड़गुड़ाया। भाकियू नेता मास्टर जगशोरण सिंह और अमित चिंदौड़ी ने कहा कि हुक्का किसानों की पहचान और भाकियू के आंदोलन का प्रतीक है।
बिना टिकट हुए रवाना
लखनऊ जाने के लिए किसानों ने न रिजर्वेशन कराया और न ही जनरल टिकट लिया। बिना टिकट किसान नौचंदी एक्सप्रेस में बैठकर रवाना हो गए। किसानों ने कहा कि उन्होंने रेलवे से कोच दिलवाने की मांग की थी। कोच दिला देते तो वे टिकट भी ले लेते।
एमएसपी गारंटी कानून लिए बिना नहीं उठेंगे : टिकैत
मेरठ स्टेशन पर भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि एक साल के संघर्ष और 700 किसानों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा की। संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी की गारंटी कानून बनाने, बिजली संशोधन बिल और पराली बिल की वापसी के बगैर आंदोलन खत्म नहीं करने का निर्णय लिया है। जब तक सरकार सी-2 प्लस 50 फीसदी एमएसपी को कानूनी जामा नहीं पहनाएगी, तब तक किसान बॉर्डर छोड़ने वाले नहीं हैं। लखनऊ पंचायत ऐतिहासिक होगी।
लखनऊ कूच करने वालों में ये रहे शामिल
जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी, सत्यवीर जंगेठी, बबलू जिटौली, जवाहर सिंह, जगत सिंह, राजकुमार करनावल, संजय दौरालिया, गजेंद्र दबथुआ, हरेंद्र जानी, विनोद जिटौली, विकास वलीदपुर, टीटू सकौती, सोहनवीर सिंह, नरेश मवाना आदि मौजूद रहे।