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अपात्र परिवारों के राशन कार्डों पर चलेगी विभाग की कैंची

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20 हजार से अधिक सरकारी राशन के लिए बन गए गरीब
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मेरठ। अपात्र परिवार गरीबों के राशन पर डाका डाल रहे हैं। जनपद में इन परिवारों की संख्या 20 हजार से अधिक बताई जा रही है। आपूर्ति विभाग ने ऐसे परिवारों की जांच शुरू कर दी है। जांच में अपात्र पाए जाने वाले परिवारों के राशन कार्ड निरस्त कर राशन की रिकवरी की जाएगी। इसके लिए आपूर्ति विभाग ने आपूर्ति इंस्पेक्टरों को लगाने के साथ ही राशन डीलर और जनता से भी सहयोग मांगा है।
पांच लाख 12 हजार राशन कार्ड धारक
जनपद में पांच लाख 12 हजार पात्र गृहस्थी और अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवार हैं। इन परिवारों को उचित दर पर सरकारी राशन मिलता है। कोरोना संक्रमण काल में सभी को फ्री राशन दिया गया। कई अपात्र परिवारों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकार अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करते हुए राशन कार्ड बनवा लिए। पूर्व राज्यमंत्री के राशन कार्ड की जांच में हुए खुलासे के बाद आपूर्ति विभाग सक्रिय हो गया है।
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अमीरों के घर चलकर जाती है मशीन
सरकारी योजना का लाभ लेने को अपात्र परिवारों ने पात्र गृहस्थी राशन कार्ड ही नहीं बनवाए हैं, बल्कि सरकारी राशन लेने के लिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर लाइन लगाने की बजाय, मशीन अपने घर मंगवाते हैं। राशन डीलर ऐसे परिवारों के घर पर ही राशन पहुंचाते हैं। राशन डीलरों की मिलीभगत से गरीबों के राशन को यह लोग हड़प कर रहे हैं।
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मेरठ में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में अपात्र परिवारों द्वारा राशन कार्ड बनवाने की शिकायतें शासन तक पहुंची हैं। शासन ने ऐसे अपात्र परिवारों की जांच करने, दोषी पाए जाने पर राशन कार्ड निरस्त करने और साक्ष्य छुपाकर राशन लेने वालों से सरकारी राशन की रिकवरी करने के आदेश दिए हैं। उसी के अनुसार ऐसे परिवारों की जांच की जा रही है। - राघवेंद्र सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी
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