मेडा की सीलिंग के विरोध में मंगलवार सुबह से ही चिकित्सकों का न्यूटिमा अस्पताल में जमावड़ा रहा। इस दौरान चिकित्सकों के निशाने पर विधायक अतुल प्रधान रहे। आईएमए जिंदाबाद और विधायक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।
न्यूटिमा के प्रबंधकों में से एक डॉ. विश्वजीत बैंबी ने कहा कि डॉक्टरों को लुटेरा, चोर-डकैत कहने वाले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। हमें गुंडों का भय नहीं है, जो चरित्रवान होता है उसे छेड़ना नहीं चाहिए वरना ऐसे ही लोग एकजुट होते हैं। ये योगीराज है, जो हम खुलकर अपनी बात कह पा रहे हैं। वह अपने लिए सही आवाज उठा रहे हैं।
सपा के उन जनप्रतिनिधियों का आभार जो अतुल प्रधान के पक्ष में नहीं आए और मौन रहकर हमें समर्थन दिया। उन्होंने रालोद, कांग्रेस का भी आभार जताया जिन्होंने अतुल का समर्थन नहीं किया। न्यूटिमा के डॉ. अमित उपाध्याय ने कहा कि शहर को हेट सिटी बनाया जा रहा है। डॉक्टर लुटेरे के पोस्टर, बैनर आखिर क्यों जिला प्रशासन ने लगने दिए।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर हमेशा मरीज का भला चाहता है। अतुल प्रधान होश में आओ, आईएमए जिंदाबाद के लगे नारे। उन्होंने कहा कि 750 लोगों को रोजगार मिल रहा है। ये भीड़ बुलाई नहीं गई ,खुद अस्पताल स्टाफ और उनके परिजन आए हैं।
मरीज बोले- जब न्यूटिमा अस्पताल बन रहा था, तब एमडीए कहां था
इस दौरान कुछ मरीज भी बोले कि जब न्यूटिमा अस्पताल बन रहा था तब आखिर एमडीए ने कुछ क्यों नहीं किया, क्या अफसर तब सो रहे थे। एमडीए तब कहां था। कुछ मरीजों ने इलाज में छूट दिए जाने और अच्छे इलाज की बात भी बताई।
अस्पताल ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र के बावजूद दाखिल नहीं किया नक्शा
मानकों को ताक पर रखकर चल रहे न्यूटिमा अस्पताल के बेसमेंट में मंगलवार को सीलिंग की कार्रवाई टलने के बाद चिकित्सकों ने हर्ष जताते हुए एक-दूसरे का आभार जताया। मेडा की ओर से प्रकरण में पूरी रिपोर्ट शासन को देर शाम भेज दी गई।
इसमें बताया गया कि न्यूटिमा अस्पताल की ओर से हाइकोर्ट में शपथ-पत्र दिया गया कि वह शमन के लिए मेडा में नक्शा दाखिल करेंगे, मगर कोई नक्शा दाखिल नहीं किया गया। इसके तहत उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका संख्या 1565/2021 की सुनवाई के दौरान डाॅ. संदीप कुमार गर्ग द्वारा न्यायालय के समक्ष शपथ 21 अक्तूबर 2021 दायर कर न्यूटिमा अस्पताल का शमन मानचित्र प्राधिकरण में प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन मंगलवार तक कोई भी शमन मानचित्र प्राधिकरण में प्रस्तुत नहीं किया गया।