कहा कि मुसलमान बच्चों को हराम, हलाल के चक्कर में उलझाया जाता है। फतवा ब्रिगेड उसकी सोचने समझने की क्षमता को खत्म कर देती है। एक लंबे समय तक ब्रेन वॉश होने के कारण वे मानसिक तौर पर इतना कमजोर हो जाते हैं कि कुछ लोग उन्हें आतंकवादी बना देते हैं।
भारतीय मुसलमान बच्चे को समझना होगा कि हम भारत के समाज से अलग नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मैं वृंदावन जाती हूं और कृष्ण भक्ति में झूमती हैं और श्रीराम राममन्दिर निर्माण के लिए भी उन्होंने एक लंबी लड़ाई लड़ी।
कहा कि भारतीय मुसलमान को गर्व होना चाहिए कि हम रहीम, रसखान, दाराशिकोह, कबीर आदि की परंपरा वाले सनातनी मुसलमान हैं। हमारा धर्म सनातन है, पंथ इस्लाम है और संस्कृति हिंदू है।