इलाज से ठीक हो जाती है बीमारी
मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि इलाज और देखभाल से यह ठीक हो जाता है। इस बीमारी का पता शुरू में नहीं लग पाता। इस कारण यह जानलेवा हो जाती है। मेडिकल में इसका इलाज निशुल्क किया जा रहा है।
इन कारणों से होती है ये बीमारी
दूषित सिरिंज का उपयोग करना
दूषित रेजर या टूथब्रश का इस्तेमाल
दूषित रक्तदान, अंगदान या लंबे समय तक डायलिसिस द्वारा
दूषित सुईं से टैटू बनवाना या एक्यूपंचर करवाना
असुरक्षित यौन संबंध
सतर्क रहें तो नहीं है खतरा
मेडिकल के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि कोई भी ऐसा कार्य या गतिविधि जिसमें खून से खून का संपर्क होने की संभावना है, संक्रमण का संभावित स्रोत हो सकता है। अगर सावधानी बरतें, तो इन बीमारियों से बचे रह सकते हैं।