मवाना तहसील के हालात सबसे विकट
सरधना और मेरठ तहसील में जीवांश कार्बन का स्तर 0.8 पीपीएम के मुकाबले 0.3 पीपीएम आ रहा है। जिंक का स्तर 1.20 के मुकाबले 0.95 पीपीएम और आयरन का स्तर 8 पीपीएम से कम व सल्फर का स्तर 15 पीपीएम से कम आ रहा है। वहीं मवाना तहसील में जीवांश कार्बन अति न्यून स्थिति 0.2 तक पहुंच गया है। फास्फोरस और पोटाश का स्तर भी कम हो गया है।
किसान ये करें उपचार
क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के मृदा विशेषज्ञ प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि जीवांश कार्बन की कमी दूर करने के लिए किसान गोबर की खाद, हरी खाद (सनई, ढांचा, लोबिया और मूंग) वर्मी कंपोस्ट आदि के प्रयोग के साथ ही फसल चक्र भी अपनाए। मिट्टी की जांच जरूर कराएं। जो भी तत्व कम हों उनका इस्तेमाल करें।
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मानव सेहत पर भी बुरा असर
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी के चलते फसल में भी पोषक तत्वों की कमी हो रही है। यही कारण है कि लोगों को खाद्यान्न से पूरा पोषण नहीं मिल पा रहा है।
किसान खुद करा रहे जांच
अब किसान स्वयं ही मिट्टी के नमूनों की जांच करा रहे हैं। मंडल की मिट्टी में जीवांश कार्बन, जिंक, फास्फोरस और पोटाश आदि की कमी देखी जा रही है।
-प्रबोध कुमार, सहायक निदेशक, क्षेत्रीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला मेरठ