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ईओडब्ल्यू को बाइक बोट घोटाले में मिले अहम सुराग

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ईओडब्ल्यू को बाइक बोट घोटाले में मिले अहम सुराग
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मेरठ। ईओडब्ल्यू को साढे़ तीन हजार करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले में सचिन भाटी की गिरफ्तारी के बाद कई अहम सुराग मिले हैं। जिनके आधार पर कुछ अन्य लोग भी चिह्नित किए जा रहे हैं। ईओडब्ल्यू ने उनके बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। घोटाले के मुख्य आरोपी संजय भाटी के भाई सचिन भाटी की बीती मंगलवार रात गिरफ्तारी हुई थी। सचिन भाटी के साथ पवन भाटी और सेना से नायक पद से रिटायर्ड करण पाल को भी गिरफ्तार किया।
साढे़ तीन हजार करोड़ के बाइक बोट घोटाले में 57 मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के संचालक/निदेशक संजय भाटी समेत 13 आरोपियों की गिरफ्तारी पूर्व में हो चुकी थी। वहीं, तीन आरोपी मंगलवार रात गिरफ्तार किए हैं।
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ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर के एएसपी राम सुरेश यादव ने बताया कि बाइक बोट घोटाले में सबसे पहले 57 मुकदमें नोएडा के अलग-अलग थानों में दर्ज हुए थे। इन मुकदमों की पूर्व में जांच नोएडा पुलिस द्वारा की गई। शासन ने बीती 14 फरवरी को सभी 57 मुकदमों की विवेचना ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंप दी थी। जांच में सामने आया कि गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के संचालक/निदेशक संजय भाटी और 19 आरोपियों द्वारा यह कंपनी रजिस्टर्ड कराकर बाइक बोट स्कीम में अलग-अलग जिलों एवं राज्यों में फ्रेंचाइजी बनाकर लोगों से करीब 3500 करोड़ की ठगी की।
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ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर के पांच इंस्पेक्टर इन मामलों की विवेचना कर रहे हैं। इनमें 250 से अधिक बाइक बरामद कर चुकी हैं। 25 आरोपियों की गिरफ्तारी अभी होनी बाकी है। फरार आरोपियों में संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहल, निजी सहायिका रीता चौधरी, निदेशक ललित कुमार और बीएन तिवारी आदि हैं। एएसपी राम सुरेश यादव का कहना है कि कुछ अन्य नामों को लेकर भी जांच जारी है। जल्द ही अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। सचिन से पूछताछ के बाद कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं।
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