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पर्यावरण दिवस विशेष: कोरोना के बाद सड़कों पर वाहन लेकर उतरे लोग तो बढ़ा एक्यूआई का स्तर 

Sun, 05 Jun 2022 12:13 PM IST
Dimple Sirohi मोहित कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

हाल ही में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश, आंधी व तूफान आने के बाद तापमान के साथ एक्यूआई धड़ाम हुआ था। लेकिन, इसके बाद एक्यूआई स्तर ने फिर से रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है।
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meerut weather - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लगातार दो साल लॉकडाउन व कोरोना कर्फ्यू झेलने के बाद वाहन सड़क पर उतरने व औद्योगिक फैक्टरी का संचालन शुरू होने के बाद प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। पिछले दो साल तक एक्यूआई का स्तर औसतन 100 के करीब चल रहा था। लेकिन इस वर्ष एक्यूआई का स्तर सर्दी के मौसम में 400 के पार और वर्तमान में 250 से ऊपर चल रहा है और 350 तक भी पहुंच गया है। दो-तीन दिन छोड़कर स्थिति अभी भी सही नहीं है।
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हाल ही में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश, आंधी व तूफान आने के बाद तापमान के साथ एक्यूआई धड़ाम हुआ था। लेकिन, इसके बाद एक्यूआई स्तर ने फिर से रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। शहर में कोरोना कर्फ्यू में वाहनों का शोर कम हुआ। अधिकांश फैक्टिरयों का संचालन भी बंद रहा, जिस कारण प्रदूषण घटा। विभाग की ओर से लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सीएनजी वाले वाहनों का प्रयोग होना चाहिए। इससे प्रदूषण में और गिरावट आएगी।  

कोरोना कर्फ्यू ने शुद्व कर दी थी हवा की सेहत 
कोरोना कर्फ्यू के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या घटने से पर्यावरण को लाभ हुआ है। वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई औसतन 100 पर पहुंच गया था। दो साल से राहत लेने के बाद अब फिर से शहरवासियों को प्रदूषण का दंश झेलना पड़ रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में भी स्थिति में सुधार नहीं होगा। पिछले दो तीन माह से भी लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। सामान्य दिनों में एक्यूआई का लेवल 300 को पार कर जाता है, जो बहुत ही खराब श्रेणी में आता है। 
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प्रदूषण से बचने के उपाय
-सुबह-शाम घर के खिड़की दरवाजे बंद रखें, घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग करें
-वाहनों को पूल कर सकते हैं
-घर के बाहर कचरा न जलाएं
-प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग न करें
-वाहनों में अधिक सीएनजी का प्रयोग करें 
-अधिक से अधिक वृक्षारोपण का प्रयोग करें 
-दैनिक जीवन में पॉलिथीन, थैलियों के स्थान पर  
-कागज व कपड़े की थैलियों का उपयोग करें
-बाहर ही नहीं घर की हवा भी प्रदूषित होती है, तो घर में  नियमित  डस्टिंग करते रहें 
-घर के बाहर सड़क को गीला जरुर रखें 

प्रदूषण की श्रेणी
0.5 ठीक व सामान्य
50-100 संतोषजनक
100-.200 सीमित
200.300 खराब येलो कैटेगरी
300-400 प्रति खराब रेड कैटेगरी
400-500गंभीर ब्राउन कैटेगरी 
500 - से अधिक इमरजेंसी
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पिछले एक माह में एक्यूआई का स्तर
सबसे प्रदूषित शहरों में मेरठ और गाजियाबाद शामिल रहे।

पिछले सालों में प्रदूषण का स्तर 
जून 2021 4  जून               4 जून 2022
गंगानगर   122                  201               
जयभीमनगर 102                259    
केसरगंज     128                308 
पल्लवपुरम   130                225 
दिल्ली रोड     135                305 
मेडिकल       123              301
शोपरिक्स मॉल  118             310 

प्रमुख शहरों का एक्यूआई  4 जून का 
पिछले वर्ष              वर्तमान 

बागपत  130              151          
गाजियाबाद 175            256 
मेरठ-       110           212 
मुजफ्फरनगर  102          240 
शामली        88           225  
 
प्रदूषण के स्तर में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है और अलग-अलग टीमे लगी हुई हैं, जो पूरे जिले के भम्रण पर रहती हैं और जहां पर भी कमियां मिलती हैं उस पर कार्रवाई की जा जाती है। वाहनों में अधिक से अधिक सीएनजी का प्रयोग होना चाहिए, जाम को लगने से रोकना होगा। पौधों को अधिक से अधिक लगाना होगा। -डॉ. योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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