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चुनावी रण: वोटिंग प्रतिशत गिरने पर लगी स्थानीय दिग्गजों की क्लास, सभी दलों ने संभाली कमान, बढ़ाएंगे मतदान

Tue, 23 Apr 2024 01:16 PM IST
Dimple Sirohi राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ

सार

लोकसभा चुनाव को लेकर 19 अप्रैल को पहले चरण में पश्चिम उप्र की लोकसभा सीटों पर हुए कम मतदान से सभी पार्टियां फिक्रमंद हैं। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट और बागपत सीट पर दूसरे चरण में मतदान होना है।
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चुनावी बिगुल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम की सीटों पर मतदान प्रतिशत गिरने से राजनीतिक दलों में हलचल है। तमाम पार्टियों में मंथन है। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद आदि और उनसे जुड़े संगठनों ने मतदान बढ़ाने के लिए कमान संभाल ली है। इसका असर मेरठ में भी देखने को मिल रहा है।

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पार्टी हाईकमान ने दिग्गज नेता, पदाधिकारी और विधायकों को मतदान बढ़ाने की हिदायत दी है। पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली की निगरानी हो रही है। मतदान प्रतिशत 70 प्रतिशत से ऊपर पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है। 

19 अप्रैल को पहले चरण में पश्चिम उप्र की लोकसभा सीटों पर हुए कम मतदान से सभी पार्टियां फिक्रमंद हैं। पार्टी सूत्रों से जानकारी मिली है कि भाजपा हाईकमान ने मतदान प्रतिशत परिणाम सामने आते ही उप्र के मेरठ ही नहीं बल्कि सभी लोकसभा सीटों से जुड़े अपनी पार्टी के नेताओं की क्लास लगाई है।
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एक-एक बूथ और मतदाता को लेकर समीक्षा की गई है। बताया जा रहा है कि चुनाव के बाद पार्टी विरोधी कार्य करने वाले नेताओं पर शिकंजा कसा जाएगा। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से अरुण गोविल को जिताना स्थानीय भाजपाइयों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना है। 

यह भी पढ़ें: Election 2024: इस चुनाव में गठबंधन की अग्निपरीक्षा, हर लोकसभा चुनाव में साथी बदल लेता है रालोद

भाजपा के महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज का कहना है कि 26 अप्रैल को होने वाले मतदान दिवस पर मेरठ सीट पर 70 प्रतिशत से अधिक मतदान कराने का प्रयास है। मतदान बढ़ाने के लिए जागरूकता को भाजपा और उससे जुड़े संगठन जुटे हैं। इसी तरह खासकर सपा और बसपा भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दी रही है। इसके लिए इन दलों के संगठन भी जुटे हैं। 

एक पन्ना प्रमुख 15 घरों पर देगा दस्तक 
भाजपा के पन्ना प्रमुख हर घर पहुंचकर मतदाता पर्ची बांट रहे हैं। इतना ही नहीं घरों के बाहर मतदान के प्रति जागरूकता के स्टीकर लगाए जा रहे हैं। एक पन्ना प्रमुख को 15 घरों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को मतदान का पाठ पढ़ाया जा रहा है। यहां तक की हर वोटर के नाम से पत्रक बांटकर उनसे वोट डालने की अपील की जा रही है।

मेरठ सीट पर मतदान प्रतिशत 
 वर्ष      प्रतिशत 
 2004     52.4 
 2009     48.2

 वर्ष      प्रतिशत 
 2014     63.1
 2019     67.3 
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सपा और बसपा ने भी जागरूकता को उतारे हैं कार्यकर्ता
पहले चरण में हुए कम हुए मतदान को सपा और बसपा खेमा अपने फायदे के रूप में देख रहे हैं। इसको लेकर वह अति उत्साहित हैं। दूसरे चरण में भी अपने वोट बैंक का शत प्रतिशत मतदान हो। इसको लेकर बसपा और सपा संगठन ने भी बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे धरातल पर कार्य की समीक्षा की है।

बसपा जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह पाल का कहना है कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रत्येक बूथ पर बसपा के पांच-पांच युवा कार्यकर्ता लगाए गए हैं। जो घर-घर से मतदाता को बूथ पर लाने का काम करेंगे। उधर, सपा के जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी का कहना है कि सपा और कांग्रेस गठबंधन का एक-एक कार्यकर्ता मतदाताओं से संपर्क करके मतदान प्रतिशत बढ़ाने की तैयारी में जुटा है।
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