बागपत के बड़ौत के गुराना गांव में दो बड़े भाइयों ने छोटे भाई की बेहरमी से हत्या कर दी। दोनों आरोपी विधवा भाभी से शादी करने से नाराज थे। दो महीने पहले हुए झगड़े में पुलिस के सामने आरोपियों ने छोटे भाई को मारने की धमकी दी थी।
बागपत जिले के बड़ौत के गुराना गांव में शुक्रवार देर रात डीटीसी बस चालक यशवीर (32) की उसके दो भाइयों ओमवीर व उदयवीर ने गोली मारकर हत्या कर दी। बड़े भाई सुखबीर की मौत के बाद उसकी पत्नी रितु की शादी यशवीर के साथ करा दी गई थी। इसलिए ही उनके बीच कई बार झगड़ा भी हुआ और दोनों भाई रंजिश रखते थे।
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ग्रामीणों के अनुसार चारों भाइयों में सुखबीर सबसे बड़ा था, जबकि ओमवीर (36), उदयवीर (35) और यशवीर (32) था। सुखबीर की मौत के बाद पत्नी रितु के मायके वालों ने सुखवीर के सबसे छोटे भाई यशवीर के साथ उसकी शादी करा दी थी।
इसके बाद लगभग हर दिन लोग ओमवीर और उदयवीर को ताने मारने लगे कि तुम दोनों की इज्जत नहीं है। तुम दोनों के होते हुए भी छोटे भाई यशवीर से उसकी शादी कर दी गई। रितु को सुखवीर से तीन और यशवीर से एक बच्चा है।
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दोनों के लिए ताने सुनने आए दिन की बात हो गई थी। कभी वे इसका जवाब देते तो कई बार चुप रह जाते। फिर भी दोनों के दिमाग में कुंठा और कलह बढ़ती जा रही थी। दोनों यशवीर से मन ही मन रंजिश रखने लगे।
बाद में जब-तब तनातनी और झगड़े होने लगे। दो महीने पहले दोनों ने मां संगीता और यशवीर से झगड़ा कर लिया था। बताया जाता है कि पुलिस की मौजूदगी में यशवीर को दोनों भाइयों ने जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
एक भाई ने पकड़ा हाथ, दूसरे ने छाती में मारी गोली
इस योजनाबद्ध हत्या में ओमवीर ने यशवीर का हाथ पकड़ा और दूसरे भाई उदयवीर ने यशवीर की छाती में गोली मार दी। गोली लगने से यशवीर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। इसके बाद जब तक यशवीर की मौत नहीं हुई तब तक आरोपियों ने उसे दबोचे रखा। इस दौरान यशवीर ने उनसे बचने का भी प्रयास किया, छीनाझपटी में ओमवीर व उदयवीर को भी मामूली चोटें आई हैं।
यहां रिश्तों का हो रहा कत्ल
यहां रिश्तों का खूब कत्ल हो रहा है और अपने ही अपनों की हत्या कर रहे हैं। पुलिस रिकार्ड के अनुसार यहां पिछले एक साल में हुई हत्याओं में 95 प्रतिशत घटनाओं में अपने ही शामिल रहे। मनोचिकित्सक इसका कारण स्वार्थ व तनाव को मार रहे हैं। इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए लोगों को रिश्तों का महत्व समझाकर जागरुकता लानी होगी।
केस नंबर एक:
वर्ष 2023 में बिलौचपुरा गांव में छोटे भाई कासिफ ने अपने बड़े भाई नहीम की हथौड़े से वार करके हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया तो उसने कहासुनी होने पर गुस्से में आकर हत्या करने की बात कही।
केस नंबर दो:
वर्ष 2023 के नवंबर माह में जोनमाना गांव में अशोक का बड़े भाई रविन्द्र से जमीन को लेकर विवाद हो गया था। उस जमीनी विवाद में रविंद्र की हत्या कर दी गई थी।
केस नंबर तीन:
शबगा गांव में युवक ने अपनी बुआ, पिता व चाचा की एक साथ हत्या कर दी थी। हत्या की घटना को केवल इसलिए अंजाम दिया था कि उसे शराब पीने के लिए रुपये नहीं देते थे।
केस नंबर चार:
बागपत के मोहल्ला मुगलपुरा में इस साल ही भाई ने बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना को केवल इसलिए किया गया, क्योंकि उसकी बहन ससुराल नहीं जा रही थी। हत्या करके वह खुद थाने में पहुंच गया था।
केस नंबर पांच:
इस साल ही बागपत में छत्ते वाली मस्जिद के पास चाचा ने चाकू से गला रेतकर भतीजे की हत्या कर दी थी। इस हत्या को केवल तीन सौ रुपये नहीं देने के कारण किया गया था।
एक-दूसरे से प्रेम खत्म हो रहा है और लोग स्वार्थी हो रहे हैं। वह निजी स्वार्थ में रिश्तों का खून कर रहे हैं। इसके अलावा तनाव में रहने के कारण चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है और लोग अपना गुस्सा कमजोर पर निकाल रहे हैं। इसके लिए लोगों की दिनचर्या में बदलाव लाना जरूरी है। साथ ही उनको समाज में रिश्तों की महत्ता बतानी होगी। इसके लिए जागरूकता जरूरी है, तभी ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।- डा. अजय कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ
निजी स्वार्थ के चलते आज अपराध बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि यहां भाई ने दूसरे भाई या भाई ने अपनी बहन की हत्या की है। यह लोगों को समझना होगा कि जो जिंदगी भर मुसीबत के समय आपके साथ खड़ा रहता है। उसको नुकसान पहुंचता है तो उसका सीधा नुकसान उसे खुद को होगा। रिश्तों के कत्ल की ये वारदात रोकी जा सकती हैं।- डा. अंशु अग्रवाल मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज बड़ौत।