जकात और सदकातुल फितर अदा कर जरूरतमंदों को बनाएं मजबूत
शुक्रवार को अलविदा जुमे के साथ रमजान को अलविदा कह दिया है। पाक महीने में सभी लोग जकात और सदकातुल फितर अदा करें और जरूरतमंद लोगों को भी खुशी में शरीक करें। फलावदा कस्बे के शहरकाजी मौलाना सलमान कासमी ने कहा कि अल्लाह ने रमजान का महीना इसलिए दिया है ताकि हम नेक बनें।
अल्लाह ने जहां इस महीने के रोजे को फर्ज किया और जकात का हुक्म दिया है, वहीं अल्लाह ने हम को ईद-उल-फितर जैसा त्योहार दिया है। इस दिन सदक़ा उल-फितर अदा करने का हुकुम दिया है, ताकि गरीबों के बच्चे भी खुशी के साथ हमारे बच्चों की तरह ईद मना सकें। हमें ईद की रात, जो बदले की रात है।
नमाज में अकीदतमंदों ने की गुनाह से तौबा
रमजान माह के अलविदा जुमे की नमाज में अकीदतमंदों ने अल्लाह ताआला से अपने गुनाहों की तौबा करते हुए दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी। आखिरी जुमे की नमाज के लिए क्षेत्र की मस्जिदों में लोग भारी तादाद में पहुंचे। शुक्रवार को नमाज से पहले बयान फरमाते हुए आलिमों ने बताया कि रमजान का महीने के आखिरी अशरे में शब-ए-कद्र की रात की खास अहमियत है। जिसे लेकर हम सब को बाद की दस रातों में इबादत करके हासिल की जा सकती है। रमजान माह बरकत का महीना है।
पुलिस ने क्षेत्र की ईदगाहों का निरीक्षण किया
मुंडाली थाना पुलिस ने क्षेत्र की ईदगाहों का निरीक्षण किया, जिनमें ईद की नमाज अदा की जाएगी। मुंडाली थाना पुलिस ने क्षेत्र के रछौती, आड, मुंडाली, अजराडा, जिसोरा, नंगलामल, लोटी, जिसोरा, मउखास, आदि गांवों में बनी ईदगाहों का निरीक्षण किया और क्षेत्रवासियों को निर्देश दिए कि अकीदतमंद ईदगाह या मस्जिद में ही ईद की नमाज अदा करेंगे। रास्ते में कोई भी नमाज अदा नहीं करेगा।