बिजली न मिलने पर कर्मचारियों को बनाया बंधक
मवाना। दो माह पहले मीवा गांव की बिजली मवाना फीडर से काटकर सीना गांव से जोड़े दी थी। मात्र तीन से चार घंटे बिजली मिलने से नाराज ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को एसडीओ कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने कर्मचारियों को बंधक बना लिया और कार्यालय में तोड़फोड़ की कोशिश की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया।
मीवा गांव के दर्जनों ग्रामीण बृहस्पतिवार दोपहर मवाना स्थित एसडीओ और अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव का फीडर सीना गांव से हटाकर मवाना फीडर से जोड़ने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण तीरथराम, सूरत सिंह, देवेंद्र, शिवगिरि, योगेंद्र, महावीर, रामअवतार, रामसिंह, सुनील, हुकम सिंह आदि ने बताया कि पहले उनके गांव को मवाना फीडर से आपूर्ति दी जा रही थी, लेकिन दो माह उनके गांव को सीना गांव के फीडर से जोड़ दिया गया। इस कारण उनके गांव को अब मात्र तीन से चार घंटे विद्युत आपूर्ति मिल पा रही है। बिजली की कटौती से क्षुब्ध ग्रामीणों ने एसडीओ कार्यालय में कामकाज बंद करा दिया और कर्मचारियों का कमरे में बंद कर तोड़फोड़ का प्रयास किया। कर्मचारियों ने मामले की जानकाराी पीआरवी को दी। पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद ग्रामीण अधिशासी अभियंता कार्यालय पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए मवाना फीडर से गांव की विद्युत आपूर्ति देने की मांग की। मवाना फीडर के अधिशासी अभियंता एसके निर्भय ने बताया कि सीना गांव का फीडर विद्युत वितरण खंड द्वितीय में आता है। उसके अधिशासी अभियंता दूसरे है और पुराने अधिशासी अभियंता का स्थानांतरण हो गया है। नए अधिशासी अभियंता दो दिन बाद चार्ज लेंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण ढिकौली बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति देने की मांग कर रहे है, जबकि पहले से ही बिजलीघर पर लोड अधिक है। इसलिए गांव को ढिकौली बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति देना संभव नहीं है। ग्रामीणों को दो दिन बाद उनके क्षेत्र के अधिशासी अभियंता से मिलने का आश्वासन दिया गया है। इस दौरान रामकुमार, हरवीर, प्रमोद, राजेंद्र, वेदु, अमित, पवन, जगवीर, रामपाल आदि मौजूद रहे।