60 अधिक लोगों की हो चुकी बुखार से मौत
सहारनपुर जिले बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। शनिवार को जिले में दस नए डेंगू के केस मिले हैं। इन्हें मिलाकर अब तक 276 डेंगू के मामले मिल चुके हैं, जबकि बुखार से बीते डेढ़ माह में 60 अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
बुखार जानलेवा साबित हो रहा है। जिला अस्पताल सहित निजी चिकित्सकों के यहां बुखार के मरीजों की भरमार है। आलम यह है कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। शनिवार को नागल के गांव पहाड़पुर में बुखार से (22) सागर की मौत हो गई। अभी तक जिले में बुखार से 60 से अधिक मौत हो चुकी हैं।
शनिवार को अभी तक सबसे ज्यादा डेंगू के दस नए केस मिले हैं। इनमें पीड़ित महानगर और देहात क्षेत्र के रहने वाले हैं। लगातार बढ़ रहे बुखार से लोगों में भी दहशत का माहौल है। जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि दस नए डेंगू के केस मिले हैं। वहीं, जिले में अब 276 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं।
डेंगू बुखार का विषाणु इस मच्छर के द्वारा एक प्रभावित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। इसका विषाणु की तेजी से शरीर में प्रकार करता है के रोग से प्रभावित करता है। चिकित्सकों का कहना है कि मच्छर के काटने के उपरान्त स्वस्थ व्यक्ति 2-7 दिन के मध्य बुखार का रोगी, सिरदर्द, बदन दर्द, जोड़ो व मांसपेशियों एवं आंखों के पिछले हिस्से में दर्द की शिकायत करता है। शरीर पर लाल व गुलाबी रंग के थक्कत्ते पड़ जाना। कमजोरी लगना, भूख न लगना, जी मचलाना, डेंगू के गम्भीर स्थिति में नाक, मुंह, गुदा, मूत्र नली आदि से रक्त बहना। कभी-कभी रोगी का बेहोश हो जाना।
डेंगू रोग का प्रबन्धन
साधारण डेंगू बुखार में उपचार व देखभाल घर पर की जा सकती है।
बुखार 102 डिग्री फारेनहाइट से अधिक होने पर शरीर पर पानी की पट्टियों रखें
डॉक्टर की सलाह पर बुखार कम करने के लिए पैरासिटामाल औषधि ले सकते हैं।
शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए आवश्यकतानुसार तरल पदार्थों एवं ओआरएस घोल का सेवन करें।
घबराने की जरूरत नहीं
चिकित्सकों का कहना है कि मरीज प्लेटलेट की कम संख्या से कतई घबराने की जरूरत नहीं है। यदि मरीज का प्लेटलेट 60000 के ऊपर है, तो मरीज को अपना खान-पान, हाईड्रेशन रखने व बुखार में पैरासिटामोल लेने की स्थिति से ही लगभग 95 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो जाता है।
मरीजों के लिये डेंगू रोग से बचाव के विशेष सुझाव
घर में कूलर, बाल्टी, घड़े तथा ड्रम का पानी साप्ताहिक अन्तराल पर बदलते रहे
कूलर का पानी निकालने के बाद उसकी टंकी, दीवारों को स्कन से साफ करके 4-5 घंटे सूखने दें, जिससे दीवारों से भी मर जायें।
पूरी आस्तीन का कपड़ा पहने तथा पैरों में जूता मोजा पहनें।
आयुष्मान कार्ड से रोग का उपचार
आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों का उपचार योजना के अन्तर्गत सूचीबद्ध चिकित्सालयों में भर्ती होने की अवस्था में निःशुल्क उपलब्ध है।