इसके बाद मुकेश को पुलिस ने सात जनवरी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया था। मिलाई को लेकर लोगों ने जेल के बाहर हंगामा भी किया गया था। प्रशासन मुकेश पर रासुका लगाने की तैयारी कर रहा था और इस संबंध में विधिक राय ली जा रही थी।
वहीं, रासुका लगाने की तैयारी की सूचना पर अनुसूचित जाति के लोग शनिवार को जिलाधिकारी से मिले थे और उन्होंने इस मामले में प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया था। साथ ही दावा किया था कि अगर मुकेश सिद्धार्थ पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाती है तो अनुसूचित जाति के लोग फिर से महापंचायत का एलान करेंगे। अब प्रशासन ने रासुका की कार्रवाई पर मुहर लगा दी है।
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क्या है रासुका
रासुका या एनएसए का मतलब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (नेशनल सिक्योरिटी एक्ट) है। इसमें व्यक्ति को अधिकतम एक साल जेल में रखा जा सकता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980, देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित एक कानून है। जब सरकार को लगता है कि किसी व्यक्ति से देश की सुरक्षा पर बात आ सकती है तो ऐसे व्यक्ति को रासुका के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में बाधा डालेगा तो उस पर भी सरकार रासुका लगा सकती है।
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