संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। गांव रोहटा में रविवार को कोरी और भुइयार समाज की बैठक यशवीर के आवास पर आयोजित की गई। इसमें समाज के उत्थान, तरक्की और मौजूदा सरकार में उपेक्षा को लेकर चर्चा की गई।
अधिवक्ता रवींद्र कुमार ने कहा कि पश्चिमी यूपी में सत्ताधारी दल द्वारा समाज की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जान बूझकर लेखपाल और तहसीलदार समाज के लोगों के जाति प्रमाणपत्र नहीं बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज हमेशा से भाजपा का परंपरागत मतदाता रहा है, बावजूद इसके पश्चिमी यूपी के किसी भी जिले में भाजपा ने समाज का कोई जिलाध्यक्ष नहीं बनाया। इसके चलते समाज में काफी रोष है। सदनपाल ने कहा कि समाज को आपसी मतभेद भूलकर एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि समाज के महापुरुषों, जैसे कबीरदास और झलकारीबाई के नाम पर किसी सरकारी चिकित्सा संस्थान या विश्वविद्यालय का नाम रखा जाना चाहिए।
अध्यक्षता सुखपाल और संचालन दिनेश कुमार ने किया। समाज के जिम्मेदार सदस्यों ने 21 सदस्यों की कोर समिति बनाने का निर्णय लिया। जून माह में समाज का एक बड़ा कार्यक्रम कलेक्ट्रेट पर आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी के माध्यम से समाज की समस्याओं को प्रदेश सरकार के सामने प्रस्तुत कर समाधान कराया जाएगा।
कोर समिति में मुकेश कुमार सरूरपुर, जितेंद्र दबथुआ, अमरीश कोरी, आदेश कटारिया, दिनेश कोरी, मदनपाल सिंह और धीरज रोहटा को चुना गया। बैठक में सतपाल सिंह, सोनू रोहटा, गौरव कोरी, चंद्रपाल सिंह, सतेंद्र कुमार, अनमोल कोरी, आदित्य कोरी, नीतू कोरी समेत उपस्थित रहे।